सरकारी नौकरी लगते ही बदल गया हमसफर, दूसरी वाली के पास ना जाने के लिए मांगता है 20 लाख

युवक और युवती की पहली मुलाकात एक कंप्यूटर सेंटर में हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे धीरे प्यार परवान चढ़ना लगा। साथ रहने की चाहत में दोनों ने शादी की लेकिन जैसे ही पति की सरकारी नौकरी लगी वो बदलने लगा।

Rahul KumarPublish: Fri, 21 Jan 2022 01:05 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 01:05 PM (IST)
सरकारी नौकरी लगते ही बदल गया हमसफर, दूसरी वाली के पास ना जाने के लिए मांगता है 20 लाख

संवाद सहयोगी, नवादा । सरकारी नौकरी लगने के बाद पति दगाबाजी करने लगा है। कंप्यूटर सेंटर में पहली बार वर्ष 2018 में युवक से मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे प्यार परवान चढ़ने लगा। दो वर्षों बाद प्रेमी युगल ने हिसुआ के ही शिव मंदिर में शादी रचा ली। पिछले साल युवक की इंडियन आर्मी में नौकरी लग गई। पत्नी का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद से पति का रंग ढंग बदल गया। नौकरी लगने के बाद से ही अब पति बतौर दहेज 20 लाख रुपये की मांग कर रहा है। इस बाबत हिसुआ थाना क्षेत्र की एक युवती ने महिला हेल्पलाइन सहित एक सामाजिक संगठन से सहयोग मांगा है।

युवती ने बताया कि 24 जून 2020 को गोविंदपुर थाना क्षेत्र के बुधवारा गांव के विवेक रंजन से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद दोनों पटना में किराए के मकान में रहने लगी। इस दौरान उसे अहसास हुआ कि युवक उसके साथ धोखाधड़ी कर रहा है। तब युवती ने पूरी जानकारी अपनी मां को दी। जिसके बाद युवती को उसके पिता घर लेते आए। इस दौरान युवक से किसी तरह की बातचीत नहीं हुई। बाद में विवेक के भाई ने पिता से संपर्क किया और पुन: नजदीकी बढ़ाई। इसी बीच युवक को इंडियन आर्मी में नौकरी लग गई। ट्रेनिंग के बाद वह छुट्टी में घर आया तो वह 28 जून 2021 को ससुराल गई। जहां ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मारपीट और अभद्र व्यवहार करते हुए 13 जुलाई को ससुराल से निकाल दिया।

इसके बाद कई बार सुलह-समझौते का प्रयास किया गया। लेकिन ससुराल वाले तैयार नहीं हुए। बाद में साढ़े सात लाख रुपये दिए गए। लेकिन ससुरालवालों की डिमांड बढ़ती गई। पहले 10 लाख रुपये बतौर दहेज मांग रहे थे। लेकिन अब नौकरी के आधार पर 20 लाख रुपये की मांग की जा रही है। युवती ने बताया कि पति दूसरी शादी रचाने की फिराक में है। जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जिससे पूरा परिवार डरा-सहमा है।

Edited By Rahul Kumar

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