अभी कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं, औरंगाबाद व आसपास के जिलों में हो सकती है बारिश

कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानी के अनुसार औरंगाबाद व आसपास के जिले में 10 एवं 11 जनवरी को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की से लेकर मध्यम स्‍तर की बारिश होने की संभावना है।

Vyas ChandraPublish: Fri, 07 Jan 2022 08:11 AM (IST)Updated: Fri, 07 Jan 2022 08:11 AM (IST)
अभी कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं, औरंगाबाद व आसपास के जिलों में हो सकती है बारिश

अंबा (औरंगाबाद), संवाद सूत्र। कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानी के अनुसार जिले में 10 एवं 11 जनवरी को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की से लेकर मध्यम स्‍तर की बारिश होने की संभावना है। इस आशय की जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र सिरीस के मौसम वैज्ञानिक डा. अनूप कुमार चौबे ने दी है। बताया कि इधर पश्चिमी विक्षोभ तूफान सक्रिय हो रहा है, जिस वजह से मौसम के तापमान में गिरावट आएगी।

न्‍यूनतम तापमान में भी आएगी गिरावट 

बताया कि सात, आठ, नौ, 10 व 11 जनवरी को अधिकतम तापमान क्रमशः 21, 23.6, 24.5, 25.5, 23 रहेगा।  वहीं न्यूनतम तापमान 9.5, 10.5, 12.5, 14, 12.5 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। ऐसे में मौसम सर्द बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। सुबह में घना कोहरा छाया रहेगा। अगले तीन से चार दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव का आसार हैं। उन्‍होंने बताया अगले तीन दिन बाद चौथे दिन भी हल्की बारिश होने की संभावना है।

पशुओं की सेहत पर रखें ध्‍यान 

उन्‍होंने किसानों को सलाह दी है कि मौसम के मिजाज को देखते हुए खलिहान में रखे धान को संजोने का प्रयास करें। वर्तमान समय में गेंहू फसल की सिंचाई नहीं करें। पशुओं को बारिश में भीगने न दें एवं ठंड से पशुओं को बचाने के लिए गौशाला के उचित प्रबंध करें। डा. चौबे के अनुसार खराब मौसम में पशुओं के चारा पानी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। प्रधान वैज्ञानिक डा. नित्यानंद ने बताया है कि यह बारिश खासकर दलहनी व तेलहनी फसलों के लिए लाभदायक होगा। मौसम को देखते हुए फसल पर अभी किसी भी प्रकार के दवा का छिड़काव नहीं करना चाहिए। 

वहीं डाक्‍टरों का कहना है कि इस मौसम में सेहत पर भी नजर रखने की जरूरत है। खासकर बच्‍चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। वहीं कोरोना के मामले काफी बढ़ रहे हैं। इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है। 

Edited By Vyas Chandra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept