नीरा उत्पादन के लिए बनेंगे एक सौ समूह: डीएम

गया। जिले में नीरा उत्पादन को मार्च 2022 से प्रारंभ करने पर जोर दिया गया है। इससे जुड़े सभी लोगों को सक्रिय किया जा रहा है। नीरा उत्पादन से जुड़े सभी सक्रिय टेपर्स (ताड़ से नीरा उतारने वाले) का सर्वे करने को कहा गया है। एक सौ उत्पादन समूह तैयार करने के साथ ही टेपर्स को लाइसेंस दिया जाएगा।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:36 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:36 PM (IST)
नीरा उत्पादन के लिए बनेंगे एक सौ समूह: डीएम

गया। जिले में नीरा उत्पादन को मार्च 2022 से प्रारंभ करने पर जोर दिया गया है। इससे जुड़े सभी लोगों को सक्रिय किया जा रहा है। नीरा उत्पादन से जुड़े सभी सक्रिय टेपर्स (ताड़ से नीरा उतारने वाले) का सर्वे करने को कहा गया है। एक सौ उत्पादन समूह तैयार करने के साथ ही टेपर्स को लाइसेंस दिया जाएगा। अधिक से अधिक ताड़ी उत्पादकों को नीरा उत्पादन में लगाने व स्वास्थ्य दायक नीरा पीने के लिए लोगों को प्रेरित करने को लेकर जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में बैठक की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक्टिव टैपर्स के सर्वेक्षण के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया जा सकता है। पंचायत स्तर पर सेविका, विकास मित्र, चौकीदार, जीविका सामुदायिक प्रेरक को लगाया जा सकता है। इस समुदाय के प्रतिनिधियों को टैपर्स के चयन के लिए लगाया जा सकता है।

ताड़ पर चढ़ने वाले समूह को सर्वेक्षण से जोड़ने का निर्देश

-जीविका के डीपीएम मुकेश सासमल ने बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह से नीरा उत्पादन कराने के लिए तैयारी की जा रही है। जीविका के 288 कर्मचारियों को ट्रेनिग दी गई है। पूर्व में 25 उत्पादक समूह संचालित है। वर्तमान में नए 75 उत्पादक समूह का चयन किया गया है। वर्तमान में लगभग 2000 ताड़ चढ़ने वाले समूहों को चिन्हित किया गया है। जिलाधिकारी ने पासी समुदाय तथा तार चढ़ने वाले समूह को सर्वेक्षण कराने में तेजी लाने का निर्देश दिया। नीरा उत्पादन से जुड़ने वालों को मिलेंगे उपकरण

नीरा उत्पादन करने वाले समूहों को पर्याप्त लवनी, पीएच मशीन, पीएच पेपर, रिफ्रैक्टो मीटर जो ग्लूकोज की मात्रा को दर्शाता है, गैस चूल्हा, बर्तन सेट इत्यादि सामग्रियों को उपलब्ध कराया जाएगा। सहायक आयुक्त उत्पाद को पर्याप्त संख्या में नीरा उत्पादन के लिए लाइसेंस निर्गत करने का निर्देश दिया। प्रचार प्रसार पर विशेष बल देने का निर्देश दिया। ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के सभी लोग इस व्यवसाय को अच्छी तरह से समझ कर इसमें जुड़ सकें। जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस तथा जीविका के पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे नीरा उत्पादन से जुड़े संगठनों एवं पासी समुदाय के लोगों का सर्वे कराने में तेजी लाएं। बैठक में उप विकास आयुक्त सुमन कुमार, डीपीआरओ शंभू नाथ झा व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Edited By Jagran

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