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सोजोंग प्रतिज्ञा के साथ काग्यूद मोनलम पूजा शुरू

सोमवार से सुजाता बाइपास स्थित तेरगर मोनास्ट्री के भव्य पवेलियन में सात दिवसीय काग्यूद मोनलम पूजा महायान बौद्ध संप्रदाय के सोजोंग प्रतिज्ञा के साथ प्रारंभ हुआ। इस पूजा में तिब्बती बौद्ध लामा व भिक्षुणियों के अलावा विभिन्न देशों के विदेशी श्रद्धालुओं की सहभागिता है।

By JagranEdited By: Published: Mon, 14 Jan 2019 08:51 PM (IST)Updated: Mon, 14 Jan 2019 08:51 PM (IST)
सोजोंग प्रतिज्ञा के साथ काग्यूद मोनलम पूजा शुरू
सोजोंग प्रतिज्ञा के साथ काग्यूद मोनलम पूजा शुरू

गया। सोमवार से सुजाता बाइपास स्थित तेरगर मोनास्ट्री के भव्य पवेलियन में सात दिवसीय काग्यूद मोनलम पूजा महायान बौद्ध संप्रदाय के सोजोंग प्रतिज्ञा के साथ प्रारंभ हुआ। इस पूजा में तिब्बती बौद्ध लामा व भिक्षुणियों के अलावा विभिन्न देशों के विदेशी श्रद्धालुओं की सहभागिता है। पूजा में शामिल बौद्ध लामा व भिक्षुणियों ने ग्यात्सो रिनपोछे के नेतृत्व में अलंकारिक सूत्त की स्तुति की। उसके बाद मन के शुद्धिकरण के लिए सात बिंदुओं पर बोधिसत्व का ध्यान लगाया। दो सत्रों में संचालित पूजा में बौद्ध लामाओं द्वारा पारंपरिक वाद्ययंत्र का वादन किया जा रहा है। तेरगर मोनास्ट्री प्रभारी लामा सुतुप ने बताया कि पूजा संचालन के दौरान आगामी 18 जनवरी को काग्यूर ग्रंथ के साथ ग्यात्सो रिनपोछे के नेतृत्व में बौद्ध लामाओं द्वारा महाबोधि मंदिर परिसर में धम्मयात्रा निकाली जाएगी। इसमें शामिल लामा व भिक्षुणी पारंपरिक लिबास में धर्मग्रंथ काग्यूर को अपने सिर पर रखकर मंदिर की परिक्रमा करेंगे। उन्होंने कहा कि महायान में सोजोंग प्रतिज्ञा भगवान बुद्ध द्वारा बताया गया पंचशील है। जिसकी प्रतिज्ञा पूजा में शामिल होने वाले लामा, भिक्षुणी व श्रद्धालुओं को दिलाया जाता है। इस बार पूजा में काग्यूद पंथ के शीर्ष धर्मगुरु 17 वें करमापा उज्ञेन त्रिनले दोरजे भाग नहीं ले रहे हैं।

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