चार ग्रहण बदल देंगे 2022 में किस्‍मत, इस उपाय से मिलेगा विशेष लाभ; जानिए एक और विशेष बात

Solar and Lunar Eclipse in 2022 नए साल की शुरुआत होते ही सबको इस बात की चिंता रहती है कि उनके लिए यह वर्ष कैसा जाएगा? ज्‍योतिष को मानने वाले लोग ग्रहों और नक्षत्रों से जुड़ी हलचल पर भी नजर रखते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार ग्रहण का प्रभाव पड़ता है।

Shubh Narayan PathakPublish: Mon, 03 Jan 2022 01:48 PM (IST)Updated: Tue, 04 Jan 2022 04:46 PM (IST)
चार ग्रहण बदल देंगे 2022 में किस्‍मत, इस उपाय से मिलेगा विशेष लाभ; जानिए एक और विशेष बात

गया, आनलाइन डेस्‍क। नए साल की शुरुआत होते ही सबको इस बात की चिंता रहती है कि उनके लिए यह वर्ष कैसा जाएगा? ज्‍योतिष को मानने वाले लोग ग्रहों और नक्षत्रों से जुड़ी हलचल पर भी नजर रखते हैं। ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार आदमी के जीवन पर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का व्‍यापक प्रभाव पड़ता है। खास बात यह है कि इस वर्ष कुल मिलाकर चार ग्रहण लगने वाले हैं, जाे अलग-अलग राशियों के लोगों पर अलग-अलग प्रभाव डालेंगे। दुनिया में रहने वाले सभी इंसान केवल 12 राशियों में बंटे हैं, यानी कि 12 राशियों में से किसी एक के अनुसार ही ग्रहण का फल आप पर पड़ेगा। यहां हम आपको वर्ष 2022 के सभी ग्रहणों की जानकारी देंगे।

30 अप्रैल को लगेगा वर्ष का पहला ग्रहण

वर्ष का पहला ग्रहण 30 अप्रैल को लगेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण सूर्यास्‍त के बाद शुरू होगा, जो रात के करीब 10.30 बजे तक लगेगा। ग्रहण रात के वक्‍त लगने के कारण यह भारत सहित एशिया के किसी देश में दिखाई नहीं देगा। ज्‍योतिष के अनुसार उसी ग्रहण का प्रभाव माना जाता है, तो उस क्षेत्र में दिखाई पड़े। इसलिए इस ग्रहण का गया क्षेत्र में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आम लोग इस दौरान अपना काम रोज की तरह सकेंगे, क्‍योंकि सूतक का कोई असर उन पर नहीं होगा।

16 मई को पहला चंद्र ग्रहण लगेगा

वर्ष का दूसरा ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो 15 और 16 मई की दरमियानी रात लगेगा। यह ग्रहण दक्षिण-पश्चिम एशिया के कुछ देशों सहित दक्षिण-पश्चिम यूरोप, अफ्रीका, नार्थ अमेरिका के ज्‍यादातर हिस्‍से, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत क्षेत्र, अटलांटिक, हिंद महासागर और अंटार्कटिका क्षेत्र में दिखेगा। यह ग्रहण भी गया सहित पूरे भारत में नहीं दिखाई देगा। इस ग्रहण के वक्‍त भारत में सुबह होनी शुरू हो चुकी होगी।

25 अक्‍टूबर को तीसरा ग्रहण

वर्ष 2022 का तीसरा ग्रहण 25 अक्‍टूबर को लगेगा, जो आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण का आंशिक असर भारत में पड़ेगा। हालांकि गया क्षेत्र में यह ग्रहण भी दृश्‍यमान नहीं होगा। वर्ष का आखिरी ग्रहण सात-आठ नवंबर को लगेगा। यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, हालांकि भारत में इसका आंशिक असर ही दिखेगा। भारत में दृश्‍यमान होने की वजह से ज्‍योतिषिय दृष्टिकोण से इसका प्रभाव पड़ेगा। इस ग्रहण के लिए सूतक का ध्‍यान रखना होगा। ग्रहण के पूर्व और ग्रहण के बाद गयाजी की पवित्र फल्‍गु नदी समेत अपने क्षेत्र विशेष की किसी भी नदी अथवा जलाशय में स्‍नान-दान करना विशेष फलदायी होगा। इस ग्रहण के वक्‍त शाम का वक्‍त होगा। ग्रहण का अंतिम स्‍टेज गया क्षेत्र में दिखाई देगा।

क्‍या आप जानते हैं ये बात

कोई भी सूर्य चंद्रग्रहण अकेले नहीं आता। हमेशा दो हफ्तों के अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण एक साथ लगते हैं। टाइम एंड डेट नाम की एक वेबसाइट के अनुसार कभी-कभी एक ही सिरीज में तीन-तीन ग्रहण भी लगते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि सभी ग्रहण एक ही क्षेत्र में दिखाई दें। यानी कि ऐसा भी हो सकता है कि आपके क्षेत्र में एक ग्रहण तो दिखाई दे, लेकिन ठीक दो हफ्ते बाद वाला ग्रहण दिखाई नहीं दे।

Edited By Shubh Narayan Pathak

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम