भभुआ: नहर में एक्सपायरी दवा फेंकने के मामले में चल रही जांच, पीएचसी प्रभारी ने कही ऐसी बात

नियमानुसार सप्ताह में दो दिन एक एक गोली बच्चों को खिलानी थी ताकि किसी में खून की कमी नहीं रहे। अब वे लोग बच्चों को दवा खिलाई कि नहीं यह मैं नही बता सकता हूं। यह प्रतीत होता है संबंधित कर्मी द्वारा नियमानुसार बच्चों को दवा नहीं ख़िलाई होगी।

Prashant Kumar PandeyPublish: Mon, 16 May 2022 02:27 PM (IST)Updated: Mon, 16 May 2022 02:27 PM (IST)
भभुआ: नहर में एक्सपायरी दवा फेंकने के मामले में चल रही जांच, पीएचसी प्रभारी ने कही ऐसी बात

 संवाद सूत्र, रामपुर: स्थानीय प्रखंड के पीएचसी प्रभारी डा. चंदन कुमार ने पीएचसी कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व कर्मा वितरणी पसाई गांव के समीप नहर में एक्सपायरी दवा फेंकने का मामला सामने आया है। यह सेविका या शिक्षकों द्वारा पहले फेंका गया होगा। यह मामला जांच में प्रथम दृष्टया पता चला है।

 उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत 31 अगस्त वर्ष 2018 में विभागीय अधिकारी द्वारा पीएचसी को 2 लाख 82 हजार 828 आयरन फोलिक एसिड दवा उपलब्ध कराई गई थी। जिस दिन दवा मिली थी उसी दिन बाल विकास परियोजना कार्यालय रामपुर को 88 हजार 920 व शिक्षा विभाग को एक लाख 93 हजार 908 दवाएं उपलब्ध करा दी गई। जिसको संबंधित अधिकारियों द्वारा सेविकाओं व शिक्षकों के बीच वितरण करने को कहा गया था।

 विभागीय नियमानुसार सप्ताह में दो दिन एक एक गोली बच्चों को खिलानी थी ताकि किसी में खून की कमी नहीं रहे। अब वे लोग बच्चों को दवा खिलाई कि नहीं यह मैं नही बता सकता हूं। मिली दवा के अनुसार यह प्रतीत होता है कि संबंधित कर्मी द्वारा नियमानुसार बच्चों को दवा नहीं ख़िलाई होगी। अगर दवा ख़िलाई गई होती तो उक्त दवा मिलने की बात ही नहीं आती। 

उन्होंने यह भी बताया कि जो दवा भभुआ- बेलांव पथ के बसुहारी गांव के समीप मिली है वह इमरजेंसी वार्ड में वर्ष 2020 में विभागीय कर्मियों को उपलब्ध कराई गई है। जिसकी एक्सपायरी 2021 है। यह दवा कैसे व किस कारण बची रह गई किस कर्मी द्वारा फेंकी गई है इसकी गहनता से अभी जांच चल रही है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उस पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी।

Edited By Prashant Kumar Pandey

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept