व्यवसायी की हत्या के विरोध में बंद रहा रामगढ़वा बाजार

दाल व्यवसायी अजीत कुमार की हत्या के विरोध में स्थानीय व्यवसायियों ने सोमवार को रामगढ़वा बाजार बंद रखा। यह बंदी स्वत स्फूर्त थी। व्यापारियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 11:39 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 11:39 PM (IST)
व्यवसायी की हत्या के विरोध  में बंद रहा रामगढ़वा बाजार

मोतिहारी । दाल व्यवसायी अजीत कुमार की हत्या के विरोध में स्थानीय व्यवसायियों ने सोमवार को रामगढ़वा बाजार बंद रखा। यह बंदी स्वत: स्फूर्त थी। व्यापारियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

हत्या के लगभग 20 घंटे बाद भी अपराधियों का सुराग नहीं मिलने से व्यवसायी आक्रोशित हैं। बंदी की सफलता के लिए व्यवसायियों की टोली बाजार में घूमती रही। इसका व्यापक असर देखने को मिला। अचानक बंदी से खरीदारी के लिए रामगढ़वा बाजार में आए लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। युवा व्यवसायी का शव पहुंचते ही रामगढ़वा में मचा कोहराम,सबकी आंखें हुईं नम

व्यवसायी अजीत कुमार का शव सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद रामगढ़वा लाए जाते ही कोहराम मच गया। सबकी आंखें नम थीं। परिवार के लोगों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा था। उसकी आजतक किसी से झगड़े की बात तो दूर, मनमुटाव भी नहीं हुआ था। दरवाजे पर जैसे ही उसका शव पंहुचा,उसकी मां मालती देवी और पिता शम्भू प्रसाद बेहोश होकर गिर पड़े। इससे भी बुरा हाल उसकी पत्नी कविता देवी का हो रहा था। पत्नी कविता देवी बार-बार बेहोश होकर गिर जाती थी, यह कहते हुए कि उसके पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उनकी शादी के पांच साल पूरे भी नहीं हुए हैं। इनको दो बेटियां भी हैं। बड़े भाई अमित कुमार सेना में कार्यरत हैं। जमशेदपुर में इनकी पोस्टिग है। वे भी खबर सुनते ही रामगढ़वा पहुंचे। परिवार की हालत को देखकर खुद मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। रो-रोकर सबका बुरा हाल है।

Edited By Jagran

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