शहरी क्षेत्र के सभी नाले व कलवर्ट की सफाई के बचे काम को 15 जून तक करें पूरा : जिलाधिकारी

दरभंगा। शहरी क्षेत्र में जितने भी नाला व कलवर्ट है उसकी सफाई एवं उड़ाही का कार्य 15 जू

JagranPublish: Thu, 03 Jun 2021 11:42 PM (IST)Updated: Thu, 03 Jun 2021 11:42 PM (IST)
शहरी क्षेत्र के सभी नाले व कलवर्ट की सफाई के बचे काम को 15 जून तक करें पूरा : जिलाधिकारी

दरभंगा। शहरी क्षेत्र में जितने भी नाला व कलवर्ट है, उसकी सफाई एवं उड़ाही का कार्य 15 जून से पहले पूरा करें। जून के दूसरे हफ्ते में बारिश शुरू होने की संभावना होती है। शहरी क्षेत्र में जल-जमाव की समस्या के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उपरोक्त बातें जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने कही। वे गुरुवार को समाहरणालय स्थित आंबेडकर सभागार में शहरी क्षेत्र को जलमुक्त रखने एवं जलनिकासी को लेकर निगम पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कहा- शहरी क्षेत्र में 35 नाला की सूची दिखलाई जा रही है, जिनमें से 27 की उड़ाही पूर्ण कर लेने का दावा किया जा रहा है। शेष आठ नाले में उड़ाही का कार्य चालू रहने की बात कही गई है। अगले 10 दिनों में बचे हुए इन सभी नालों का पूर्ण रुपेण उड़ाही एवं सफाई हो जानी चाहिए।

जिन नालों की सफाई का काम पूरा दिखाया जा रहा है, उसे फिर से चेक कर लें। उन्होंने कहा कि बागमती नदी में गीदरगंज के पास भ्रमण के दौरान जलनिकास बिदु पर उन्होंने कचरा जमा हुआ पाया था, इसे नगर निगम के पदाधिकारी साफ करवा लें। बैठक से ऑनलाइन जुड़े नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा ने बताया कि जलनिकासी हेतु विगत वर्ष से बेहतर तैयारी की गई है। यास चक्रवात के दौरान शहरी क्षेत्र में जल जमाव केंद्र को चिन्हि्त कर लिया गया है। नगर निगम के पास 25 वाटर पंप हैं। यास चक्रवात के दौरान 15 पंप का ही प्रयोग किया गया था। जलनिकासी बहुत कम समय में कर ली गई थी। बरसात के लिए चिन्हित स्थलों पर जलनिकासी हेतु पंप लगा दिए गए है। इसलिए जलनिकासी तेजी से की जाएगी। शहरी क्षेत्र से जलनिकासी के दो रास्ते है। एक रेलवे लाइन के बगल से होते हुए कमला नदी की ओर तथा दूसरा बागमती नदी की ओर। रेलवे लाइन के साथ-साथ 3 से 3.5 किलोमीटर का कच्चा नाला है। कहीं-कही बीच में जलकुम्भी आ जाने से पानी के बहाव की गति धीमी हो जाती है। इस नाले की उड़ाही कराई गई है। कई जगहों पर अभी भी काम चल रहा है। डीएम ने इसके स्थाई सामाधान के लिए रेलवे लाइन के बगल से 3 किलोमीटर वाले कच्चा नाला को पक्कीकरण करने के लिए रेलवे से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर पक्कीकरण करने का प्राक्कलन बनवाने के निर्देश दिया। बैठक में उपस्थित रेलवे के अधिकारी ने बताया कि नगर निगम को अनापत्ति प्रमाण-पत्र दे दिया गया है। बताया गया कि बागमती नदी की ओर जल निकासी में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से परेशानी होती है। जब तक जलस्तर नीचे रहता है, तब तक कोई दिक्कत नहीं होती है। डीएम ने कहा कि जहां-जहां स्लूइस गेट हैं, उसकी जांच की जाए। तेजी से जल निकासी हेतु पंप की व्यवस्था पूर्व से ही रखी जाए। नगर आयुक्त ने बताया कि तीव्र गति से जल निकासी हेतु 80 एचपी का वाटर पंप किराया पर लेने की योजना है। उन्होंने कहा कि जहां पहले पानी चार महीने में नहीं निकलता था, वहां अब तीन-चार दिनों में निकल जाता है। उपनगर आयुक्त कमलनाथ झा ने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे वाला कच्चा नाला की जमीन पर कहीं-कहीं अतिक्रमण रहने के कारण नाला अवरुद्ध हो गया है। गुमटी नंबर 22, 23 एवं 24, जो वार्ड संख्या 44 एवं 45 में पड़ता है, उसके समीप दो-तीन जगह पर अतिक्रमण है। डीएम ने अतिक्रमित स्थलों को चिन्हित कर सूची देने को कहा। कहा कि संबंधित अंचलाधिकारी व अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अतिक्रमण खाली कराया जाएगा। बैठक में मेयर बैजयंती देवी खेड़िया, नगर विधायक संजय सरावगी, सहायक समाहत्र्ता अभिषेक पलासिया, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार गुप्ता एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं अभियंता मौजूद थे।

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शहरी क्षेत्र में नाला और कलर्वट सफाई की हैं जरूरत : नगर विधायक

नगर विधायक संजय सरावगी ने कई नालों एवं कलवर्ट की सफाई की आवश्यकता बताई। जिसमें रेलवे लाइन के बगल वाला नाला का प्रारंभिक बिदु 22 नंबर गुमटी, चट्टी चौक के पास, हसन चौक से जाने वाली नाला में सकरी मोड़ कलवर्ट के पास, रैंक प्वांइट से सारा मोड़ के बीच, खाजासराय से मिर्जापुर तक के नाला, वार्ड संख्या 1 से 4 के लिए बने कलवर्ट और इसके बाद शहरी क्षेत्र के सभी क्रॉस नाला को चेक करवा लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी चौक से एक बड़ा नाला गया है, उसकी भी सफाई की आवश्यकता है। उन्होंने रैंक प्वांइट से सारा मोड़ कलवर्ट तक पोकलेन से नाला उड़ही करवाने का सुझाव दिया। गायंत्री मंदिर से गुदरी, दुर्गास्थान तक जिला परिषद् के पीछे वाले क्षेत्र में नाला के गाद की सफाई करवाने का सुझाव दिया। लक्ष्मीसागर में गैस गोदाम से होते हुए सिंहोड़ा नहर तक नाला सफाई की बात कही। उन्होंने खराजपुर में करसाला नाला की उड़ही एवं पक्कीकरण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिवाजी नगर में ऋतुराज फुलवाड़ी के अंदर पानी निकलता है। कंगवा गुमटी से सारा मोहनपुर अवस्थित डीएवी तक एक किलोमीटर नाले में पोकलेन से सफाई करवाने की आवश्यकता है। डीएमसीएच में जलजमाव के संबंध में बताया गया कि वहां वुडको द्वारा नाला एवं कलवर्ट बनवाया जाना है, यह कार्य विगत डेढ़ साल से लंबित हैं। बताया गया कि वहां कलवर्ट बन जाने से डीएमसीएच में जलजमाव की समस्या समाप्त हो जाएगा। अधीक्षक, डीएमसीएच के कार्यालय के समीप से मुख्य नाला में 1200 फीट तक नाला का निर्माण अतिशीघ्र करने हेतु वुडको के अभियंता को निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि यदि संवेदक शीघ्र कार्य नहीं प्रारंभ करता है, तो उसके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। कार्यपालक अभियंता, बुडको का लगातार सभी बैठकों में अनुपस्थित रहने को भी गंभीरता से लिया गया और नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को प्रतिवेदित करने के निर्देश दिया गया। उन्होंने जल निस्सरण विभाग एवं नगर निगम के पदाधिकारियों को कहा कि कहीं अतिक्रमण की समस्या है, तो अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं अंचलाधिकारी से संपर्क कर लें। विधायक ने संपूर्ति पोर्टल के लिए लाभुकों की सूची अद्यतन करने को लेकर किए जा रहे सर्वे की सराहना की।

Edited By Jagran

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