आतंकियों तक पहले भी पहुंच चुके हैं मुंगेर के हथियार, कूरियर बनाकर की जाती है तस्करी

मुंगेर से काफी संख्‍या में हथियारों की तस्‍करी होती है। झारखंड दिल्ली यूपी जम्मू-कश्मीर उत्तराखंड असम व पश्चिम बंगाल में सक्रिय है पैनल। लोगों को कूरियर बनाकर की जाती है हथियारों की तस्करी। आतंकवादियों का भी यहां से कनेक्‍शन जुड़ा है।

Dilip Kumar ShuklaPublish: Wed, 19 Jan 2022 10:57 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 10:57 PM (IST)
आतंकियों तक पहले भी पहुंच चुके हैं मुंगेर के हथियार, कूरियर बनाकर की जाती है तस्करी

जागरण संवाददाता, मुंगेर। तीन दिन पूर्व जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के पास बिहार निर्मित हथियार बरामद किए गए। आतंकियों के पास पहले भी मुंगेरी पिस्टल और दूसरे हथियार पाए गए हैं। एनआइए के रडार पर एके 47 तस्करी का वांटेड संजीव शाह है। उसके तार राज्य के अलावा झारखंड, दिल्ली, यूपी, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, असम व पश्चिम बंगाल में सक्रिय हथियार पैनलों के साथ बेहतर हैं। इस धंधे में उसका नेटवर्क काफी मजबूत बताया जाता है। एनआइए ने उसपर दो लाख का ईनाम घोषित कर रखा है। अक्टूबर में यूपी में पकड़े गए हथियार तस्करों के पास से आधा दर्जन पिस्टलें बरामद की गई थीं। इनमें से कई पिस्टलें मुंगेर निर्मित थीं।

बड़ी संख्या में रखे गए हैं कूरियर : हथियार निर्माण से जुड़े लोगों ने तस्करी का नेटवर्क विकसित करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों को कूरियर के रूप में जोड़ा है। इन्हें विभिन्न जगहों पर हथियार पहुंचाने के बदले में पैसे दिए जाते हैं। पुलिस की कार्रवाई में अक्सर कूरियर और हथियार निर्माण से जुड़े लोग ही पकड़े जाते हैं। मास्टरमाइंड तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है। पकड़े गए लोगों को जमानत पर जेल से बाहर निकलवाने के बाद उन्हें फिर से काम में जोड़ लिया जाता है।

संजीव शाह को कई राज्यों की भाषा की जानकारी : हथियार तस्करी के मास्टरमाइंड संजीव शाह के गांव आदर्श टीकारामपुर के लोगों की मानें तो संजीव को बिहार के अलावा कई राज्यों के भाषाओं की जानकारी थी। देश भर में हथियार तस्करी के खेल में अलग-अलग राज्यों के तस्करों से रिश्ते बेहतर होने के कारण संजीव को कुछ राज्यों की भाषा की थोड़ी जानकारी हो गई। बांग्ला व पंजाबी भाषा भी वह बोल लेता है। जम्मू-कश्मीर की भी टूटी-फूटी भाषा वह बोल लेता है। ऐसे में संजीव को दूसरे राज्यों में पनाह लेने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है।

मुंगेरी हथियारों के साथ पकड़ा चुका है अली शेर आजाद : 12 अगस्त, 2020 को लखीसराय में हथियारों के साथ पकड़ा गया अली शेर आजाद मुंगेर से ही पिस्टल लेकर सड़क मार्ग से दिल्ली जा रहा था। दरभंगा का रहने वाला अली शेर आजाद दिल्ली के जहांगीरपुरी में तस्करी करता है। उसके आतंकी कनेक्शन की भी जांच की गई। अली शेर पर दिल्ली में लगभग दो दर्जन मामले दर्ज हैं।

हथियार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम को अलर्ट किया गया है। तस्करी पर काफी हद तक लगाम लगी है। पुलिस गुप्त रूप से कार्रवाई कर रही है। - जग्गुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, एसपी, मुंगेर

Edited By Dilip Kumar Shukla

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