ग्रीन एंड क्लीन होगा भागलपुर जिले का यह शहर, कचरे से भी होगा लाभ

ग्रीन एंड क्लीन होगा भागलपुर का सुल्‍तानगंज शहर। कचरे से तैयार हो रहा जैविक खाद किसानों की बदलेगी तकदीर। ठोस कचरा प्रबंधन से बहुरंगे महिलाओं के दिन एसएसजी की महिला संभालेंगी कमान। सुल्तानगंज नगर क्षेत्र में तीन ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र चालू।

Dilip Kumar ShuklaPublish: Tue, 18 Jan 2022 09:14 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 09:14 AM (IST)
ग्रीन एंड क्लीन होगा भागलपुर जिले का यह शहर, कचरे से भी होगा लाभ

संवाद सूत्र, सुल्तानगंज (भागलपुर)। अब सुल्तानगंज शहर ग्रीन एंड क्लीन रहेगा। क्योंकि घरों व अन्यत्र जगहों से निकलने वाले कचरा से नगर परिषद द्वारा खाद तैयार किए जाएंगे। कचरा को अब नगर परिषद यूं ही डंपिंग ग्राउंड में नहीं फेंक रहा। इसके लिए सुल्तानगंज नगर क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन के तीन केंद्र बनाए गए हैं। जहां दो प्रखंड मुख्यालय में और एक मीरहट्टी में पिट बनाया गया है। जिसमें गीले और सूखे कचरे से खाद तैयार किया जा रहा है। कार्यपालक पदाधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि यह कार्य पहले ही शुरू हो चुका था। लेकिन कोविड की पहली और दूसरी लहर में कार्य बाधित हो गया था। लिहाजा अब फिर से कार्य पटरी पर लौटा है। गीले कचरे से खाद बनकर तैयार हो रहा है। कचरे से खाद बनने की प्रक्रिया में 90 दिनों का समय लगता है।

जांच के बाद कराई जाएगी पैकेजिंग

नगर परिषद के विभिन्न ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र में बनने वाले कचरे को सबसे पहले जांच के लिए सबौर स्थित कृषि विश्वविद्यालय भेजा जाएगा। जहां से जांच के बाद उर्वरा शक्ति का पता चल पाएगा। यदि तय मानक के हिसाब से उर्वरा शक्ति खाद में पाई जाती है तो उसकी पैकेजिंग कराई जाएगी। पैकेजिंग कराकर शुरुआती दौर में आम लोगों के लिए यह खाद महज 5 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध होगा। नगर परिषद द्वारा दिल्ली से कंपोस्ट मशीन मंगायी गयी है। ताकि खाद बनने की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके।

लाखों की लागत से तैयार किया गया है एमआरएफ

नगर परिषद सुल्तानगंज के द्वारा लाखों की लागत से मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर तैयार किया गया है। जिसमें सूखे और गीले कचरा को एकत्र कर जैविक खाद बनाई जाएगी। जिससे एक ओर जहां किसानों को फायदा होगा। वहीं नगर परिषद की भी आय बढ़ सकती है। स्वच्छता निरीक्षक दिलीप कुमार दुबे ने बताया कि एक ओर जहां नगर परिषद के कूड़े कचरे को पहले डंपिंग ग्राउंड में डंप कर दिया जाता था। उससे अब जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया में लाया जा रहा है। इससे न सिर्फ नगरवासी साफ-सुथरे माहौल में रहेंगे, बल्कि जैविक खाद से किसानों को भी फायदा होगा।

Edited By Dilip Kumar Shukla

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