भारतीय रेल : लखीसराय के बड़हिया में ट्रेनों के ठहराव के लिए 22 मई को होगा आंदोलन, सिर्फ आश्वासन मिलने से लोग नाराज

भारतीय रेल लखीसराय के बड़हिया रेलवे स्‍टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए 22 मई को आंदोलन होगा। सिर्फ आश्वासन मिलने से लोग नाराज हो गए हैं। इस कारण आंदोलन की तैयारी की जा रही है। काफी संख्‍या में लोग यहां ट्रेन पर चढ़ते हैं।

Dilip Kumar ShuklaPublish: Tue, 03 May 2022 07:03 PM (IST)Updated: Tue, 03 May 2022 07:03 PM (IST)
भारतीय रेल : लखीसराय के बड़हिया में ट्रेनों के ठहराव के लिए 22 मई को होगा आंदोलन, सिर्फ आश्वासन मिलने से लोग नाराज

संवाद सूत्र, बड़हिया (लखीसराय)। लखीसराय जिले के बड़हिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर रेल संघर्ष समिति बड़हिया के बैनर तले 22 मई को एक बार पुन: आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में रेल संघर्ष समिति के सदस्य मनोरंजन कुमार ने रेल मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजकर जानकारी दी है। पत्र की प्रतिलिपि पीएमओ भारत सरकार, अध्यक्ष रेलवे बोर्ड नई दिल्ली, रेल महाप्रबंधक पूर्व मध्य रेल भारत सरकार, मंडल रेल प्रबंधक दानापुर, वरीय वाणिज्य प्रबंधक दानापुर, सांसद मुंगेर लोकसभा राजीव रंजन सिंह ललन, बिहार विधान सभा अध्यक्ष सह क्षेत्रीय विधायक विजय कुमार सिन्हा को दी है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बड़हिया रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल के पहले जो ट्रेनें रुकती थी उसका ठहराव हर हाल में फिर से मिले।

पटना-हटिया पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस जैसे ट्रेन का ठहराव हाल्ट पर दिया गया है लेकिन बड़हिया में फिर से नहीं दिया गया है। जबकि यह स्टेशन तीन करोड़ सालाना राजस्व देता है। बड़हिया में पूर्व से रुकने वाली निम्नवत ट्रेनें 18181 व 18182 टाटा-छपरा कटिहार लिंक स्पेशल, 03105 व 03106 सियालदह-बलिया स्पेशल, 05847 व 05648 गुवाहाटी-लोकमान्य तिलक साप्ताहिक एवं स्पेशल 02335 व 02336 भागलपुर-लोकमान्य तिलक एवं स्पेशल 03419 व 03420 भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस, 03413 व 03414 मालदा-नई दिल्ली फरक्का एक्सप्रेस, 03483 व 03484 मालदा-नई दिल्ली फरक्का एवं स्पेशल 081121 व 08622 पाटलीपुत्रा एक्सप्रेस को अविलंब बड़हिया स्टेशन पर ठहराव दिया जाए।

बड़हिया रेलवे स्टेशन से लगभग 2.50 लाख यात्रियों का सम्मान जुड़ा है। रेलवे विभाग अपमानित करने का काम कर रहा है। यदि 15 दिनों के अंदर उक्त ट्रेनों का ठहराव बड़हिया रेलवे स्टेशन पर पूर्ववत नहीं दिया गया तो बाध्य होकर 22 मई को लोकतांत्रिक रूप से आंदोलन एवं आक्रोश व्यक्त करने को स्वतंत्र होंगे। इसकी सारी जिम्मेवारी भारत सरकार एवं रेल मंत्रालय की होगी। लोगों का आरोप है कि इस मार्ग को रेलवे ने उपेक्षित कर दिया है। यात्री परेशान रहते हैं। 

Edited By Dilip Kumar Shukla

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