भागलपुर मेयर के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव को लेकर नगर आयुक्‍त ने जारी किया पत्र, विरोधी खेमे में पार्षद पटना रवाना

भागलपुर में मेयर के खिलाफ अव‍िश्‍वास प्रस्‍ताव को लेकर नगर आयुक्‍त के पत्र से विरोधी खेमे में नराजगी है। नगर आयुक्‍त ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है। ऐसे में विरोधी खेमे के पार्षद अब आगे की कार्रवाई के लिए पटना...

Abhishek KumarPublish: Mon, 13 Dec 2021 10:59 AM (IST)Updated: Mon, 13 Dec 2021 10:59 AM (IST)
भागलपुर मेयर के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव को लेकर नगर आयुक्‍त ने जारी किया पत्र, विरोधी खेमे में पार्षद पटना रवाना

जागरण संवाददाता, भागलपुर। नगर निगम में मेयर सीमा साहा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की रविवार को फिर हवा निकल गई। कई दिनों से इसे लेकर नगर निगम में गहमागहमी थी। नगर आयुक्त प्रफुल्ल चंद्र यादव ने पत्र जारी कर अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। कहा कि, पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक की मांग विधि सम्मत नहीं है। कानूनी सलाह लेने के बाद यह फैसला लिया गया।

नगर आयुक्त के पत्र जारी करने के बाद मेयर खेमे में खुशी की लहर आ गई। हालांकि, यह पहले ही माना जा रहा था कि अविश्वास प्रस्ताव खारिज होगा। वहीं दूसरी तरफ असंतुष्ट खेमे ने आरोप लगाया कि मेयर को बचाने के लिए नगर निगम की नियमावली को दरकिनार कर दिया गया। इस मसले को लेकर हम चुप नहीं रहेंगे। न्यायालय की शरण में जाकर न्याय की गुहार लगाएंगे। पार्षद संजय सिन्हा की अगुवाई में कई पार्षद कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए पटना रवाना हो गए।

कब-कब किया हुआ

एक दिसंबर : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बैठक बुलाने के लिए 22 पार्षदों ने दिया आवेदन

दो दिसंबर : नगर आयुक्त ने मेयर को अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई हेतु पत्र भेजा गया

सात दिसंबर: मेयर ने अविश्वास प्रस्ताव को रद करने को लेकर पत्र दिया

आठ दिसंबर : नगर निगम ने विधि परामर्शियों से विधि मंतव्य की मांग

आठ दिसंबर : मेयर द्वारा प्रस्ताव पर निर्णय नहीं लेने पर पार्षदों ने नगर आयुक्त को दूसरी बार पत्र देकर बैठक बुलाने का प्रस्ताव दिया

11 दिसंबर : 72 घंटे के अंदर बैठक की सूचना नहीं देने पर पार्षदों ने तीसरी बार पत्र दिया

12 दिसंबर : निगम ने विधि परामर्श के बाद पार्षदों को विधिसम्मत नहीं होने की सूचना दी

12 दिसंबर : निगम के निर्णय को चुनौती देने के लिए एक दर्जन पार्षद हाईकोर्ट के लिए रवाना

ये पार्षद लाए थे प्रस्ताव

अरसदी बेगम, साबरा, गजाला परवीन, एनुल निशा,. बीबी बलीमा, फिरोजा जासमीन, पंकज कुमार, संजय कुमार सिन्हा, मो. उमर चांद, गोविन्द बनर्जी, सरयुग प्रसाद साह, हंसल ङ्क्षसह, प्रीति देवी, अभिषेक कुमार, निशा दुबे, शिवानी देवी, अशोक पटेल, पाकीजा, कंचन देवी, सुनीता देवी, फरीदा अफरीन, बबीता देवी।

मेयर का कार्यकाल

23 मई 2017 : मेयर पे पार्षद का चुनाव जीता

नौ जून 2017 : मुख्य पार्षद के रूप में डीआरडीए. सभागार में शपथ व निगम में कार्यभार संभाला

25 सितंबर, 2019 : मेयर व उपमेयर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक हुई अविश्वास प्रस्ताव खारिज हुआ

नौ दिसंबर : 15 माह बाद मेयर व उपमेयर पर दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया जो खारिज हुआ

कोट

1. अविश्वास प्रस्ताव अधिनियम के अनुरूप नहीं था। इसे रद करने को लेकर आवेदन दिया था। इस प्रस्ताव पर संज्ञान ही नहीं लेना चाहिए था। सभी के समन्वय से छह माह के कम समय में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।

-सीमा साहा, मेयर

2. अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विधि परामर्श लिया गया। विधि परामर्शी की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव नियम के विरूद्ध है। इसकी सूचना संबंधित पार्षदों को उपलब्ध करा दी गई है।

-प्रफुल्ल चंद्र यादव, नगर आयुक्त

3. कार्यकाल पूरा होने के छह माह पहले अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। मेयर को बचाने के लिए एक्ट की धज्जियां उड़ाई गई। निगम के अधिवक्ता ने जिस पूर्वी चंपारण के मामले को आधार बनाया है उसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। निगम में दबाव की राजनीति फेल होगी। हाईकोर्ट में याचिका दर्ज करने जा रहे हैं। निर्णय पर भरोसा है।

- संजय कुमार सिन्हा, पार्षद  

Edited By Abhishek Kumar

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