Bihar MLA: दो गज जमीन भी नहीं खरीद पाए पूर्व विधायक, खुद की शादी नहीं कर सबको चौंकाया, अद्भुत थी उनकी दिनचर्या

पुण्यतिथि पर याद किए गए बिहार के पूर्व विधायक भोला राय। उनके आदर्श और उनकी सेवा भावना की आज भी चर्चा होती है। दिनचर्या ऐसी है लोग उनसे प्रेरणा लेते हैं। खुले बदन या मात्र गंजी लुंगी बाजार में चहलकदमी करते थे। वे कटिहार के कदवा विधानसभा के विधायक थे।

Dilip Kumar ShuklaPublish: Mon, 17 Jan 2022 06:05 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 06:05 PM (IST)
Bihar MLA: दो गज जमीन भी नहीं खरीद पाए पूर्व विधायक, खुद की शादी नहीं कर सबको चौंकाया, अद्भुत थी उनकी दिनचर्या

संवाद सूत्र, कदवा (कटिहार)। मामूली मुखिया बनने के बाद लोग जहां घर द्वार, जमीन, वाहन सहित सुख-सुविधा इकट्ठा कर लेते हैं। वहीं कदवा विधानसभा का दो बार प्रतिनिधित्व करने के बाद भी अपने लिए दो गज जमीन भी नहीं खरीद पाए थे विधायक भोला राय। उन्होंने अविवाहित रहकर जीवन पर्यंत लोगों की सेवा में लगे रहे। उनकी ईमानदारी एवं फक्कड़ स्वभाव की आज भी मिशाल दी जाती है। 17 जनवरी को उनकी पुण्यतिथि पर लोगों ने उन्हें याद कर नमन किया।

जनसंघ के जमाने से पार्टी से जुड़े स्व राय ने पहली बार 1995 में कदवा विधानसभा में भाजपा का कमल खिलाया था। फुटबालर के रूप में चर्चित विधायक रहते तब ऋण पर उन्होंने टाटा सूमो लिया था। लेकिन 2000 में चुनाव हारने के बाद वाहन का कर्ज अदा नहीं करने की वजह से कंपनी द्वारा गाड़ी खींच ली गई। उस समय जिसकी खूब चर्चा हुई थी। वे पुन: 2010 में भाजपा से विधायक निर्वाचित हुए। कदवा विधानसभा से दो बार विधायक बनाने के बाद भी दो गज जमीन खरीद कर खुद का आशियाना नहीं बना पाए। आजीवन सोनैली में अपने स्वजनों के घरों में जीवन गुजार दिया।

विधायक रहते हुए ही 17 जनवरी 2015 को सोनैली में उनका निधन हो गया था। फक्कड़ स्वभाव के बेबाक बोलने वाले विधायक का लोगों से बिना किसी तामझाम के मिल कर आत्मीयता से बात करना उसकी विशेषता थी। खुले बदन या मात्र गंजी लुंगी पहन कर निर्भीक होकर बाजार में चहलकदमी करते हुए सब्जी खरीदना उनके दिनचर्या में शामिल था। आज भी चुनाव के वक्त में उनके ईमानदारी एवं जनता के प्रति हमदर्दी की चर्चा आम है। पुण्य तिथि पर कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। वे लोगों की सेवा के लिए समर्पित थे। उन्‍होंने खुद अपनी शादी नहीं की। हमेशा लोगों के बीच रहना और उनकी समस्‍याओं को सुनना उनका स्‍वभाव था। लोग  उन्‍हें आदर्श मानते हैं।    

Edited By Dilip Kumar Shukla

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