वृहत आश्रय गृह भागलपुर : कामन फेसिलिटी सेंटर व खेलकूद परिसर, WOW, अब आएगा मजा, खुशी से झूम उठे बच्‍चे

वृहत आश्रय गृह भागलपुर भागलपुर अक्टूबर तक बनकर तैयार हो जाएगा वृहत आश्रय गृह। बच्चों के लिए कामन फेसिलिटी सेंटर व खेलकूद परिसर की मिलेगी सुविधा। जिलाधिकारी ने भवन निर्माण का लिया जायजा जल्द काम पूरा करने का निर्देश।

Dilip Kumar ShuklaPublish: Fri, 21 Jan 2022 08:32 AM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:32 AM (IST)
वृहत आश्रय गृह भागलपुर :  कामन फेसिलिटी सेंटर व खेलकूद परिसर, WOW, अब आएगा मजा, खुशी से झूम उठे बच्‍चे

जागरण संवाददाता, भागलपुर। देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए वृहत आश्रय गृह का निर्माण अलीगंज में किया जा रहा है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन गुरुवार को स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक, भवन निर्माण निगम के उप महाप्रबंधक व कनीय अभियंता उपस्थित थे। उप महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि वृहत आश्रय गृह का निर्माण पांच एकड़ में किया जा रहा है। वृहत आश्रय गृह में बालक एवं बालिका के लिए 100-100 क्षमता वाले आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें पदाधिकारी, कर्मियों के लिए टाइप वन, टाइप टू व टाइप थ्री कवार्टर शामिल है। बच्‍चे काफी खुश हैं। बच्‍चों को अब यहां बेहतर सुविधा मिलेगी।

बच्चों के लिए एक कामन फेसिलिटी सेंटर के अलावा खेलकूद परिसर, गार्डन, फायर फायटिंग सुविधा, पर्याप्त सीसीटीवी कैमरा आदि की व्यवस्था की जा रही है। संवेदक द्वारा बताया गया कि वृहत आश्रय गृह के निर्माण की लागत 29 करोड़ रुपये है। भवन का निर्माण भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है, जिसे 18 माह में पूर्ण किया जाना है। भवन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। संवेदक द्वारा बताया गया कि अक्टूबर 2022 तक भवन निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। भवन की चारदिवारी की ऊचाई 12 फीट एवं उसके ऊपर 25 फीट राउंडेड कंसेंटीना वायर की व्यवस्था की गई है। बच्चों के टहलने के लिए रैंप की व्यवस्था होगी। महिला कर्मियों के अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था होगी। गेट के नजदीक गार्ड रूम, पुरुष व महिला शौचालय की व्यवस्था होगी। परिसर के चारो ओर पौधरोपण के लिए दो फीट की जगह छोड़ते हुए पेपर ब्लाक लगाया जाएगा।

बालक-बालिका के लिए पांच एकड़ जमीन पर बनेंगे चार भवन

स्पीनिंग सिल्क मिल अलीगंज की जमीन पर बालक व बालिक के लिए आश्रय गृह का निर्माण हो रहा है। छह वर्ष से 18 वर्ष के निराश्रित व बेसहारा बच्चों को आश्रय देने के लिए दो अलग-अलग भवन का निर्माण का हो रहा है, जबकि 18 वर्ष से उपर के बालक-बालिकाओं के लिए भी दो अलग-अलग भवन का निर्माण हो रहा है, यानि पांच एकड़ में चार अलग-अलग भवन का निर्माण हो रहा है। जी प्लस टू वाले भवनों के निर्माण पर 26.03 करोड़ रुपये खर्च हो रहा है। 200 बेड की क्षमता वाले आश्रय गृह का निर्माण अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।

अलग-अलग ब्लाक में रहेंगे बच्चे

छह से 18 वर्ष के दो सौ बालकों के लिए दो मंजिला भवन बन रहा है। यहां बच्चों के लिए सारी सुख सुविधाएं रहेगी। 18 वर्ष पूरा करने वाले किशोर के लिए अलग से दो मंजिला भवन होगा। ठीक इसी प्रकार बालिकाओं के लिए भी व्यवस्था होगी।

कौशल विकास के तहत मिलेगी ट्रेनिंग

शेल्टर होम में 18 वर्ष पूरा करने वाले बच्चों के अलग से भवन का निर्माण होगा। यहां रहने वाले बच्चों को स्वावलंबी बनाने और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग ट्रेनिंग दी जाएगी। चारों शेल्टर होम के संचालन के लिए एक कंट्रोल रूम बनेगा। बाहरी दीवार 12 फीट ऊंची और अंदर की दीवार दस फीट ऊंची होगी। शेल्टर होम में शिक्षक के साथ 24 घंटे चिकित्सक मौजूद रहेंगे। शेल्टर होम में ही कर्मचारियों के रहने का क्वार्टर होगा।

ये रहेंगे शेल्टर होम में

कानून की नजर में दोषी बाल-बालिका, निराश्रित, बेसीारा, गुमशुदा, भीख मांगने वाले बच्चे, सड़क पर रहने वाले बच्चे, सड़क पर कचरा बिनने वाले बच्चे, आदि के रहने की व्यवस्था होगी।

Edited By Dilip Kumar Shukla

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