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भागलपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, धरातल पर उतरने लगे कार्य

2016 में भागलपुर स्मार्ट सिटी बनाने की लिस्ट में शामिल हुआ। इसके छह साल पूरे हो चुके हैं। कई कमियों के चलते भागलपुर में विकास कार्यों को गति नहीं मिल पाई। अब स्मार्ट सिटी योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन लगातार मानिटरिंग कर रहा है...

By Shivam BajpaiEdited By: Published: Tue, 25 Jan 2022 11:55 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 11:55 AM (IST)
भागलपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, धरातल पर उतरने लगे कार्य
भागलपुर स्मार्ट सिटी: शहरवासियों को इंतजार, कब पूरा होगा सपना।

जागरण संवाददाता, भागलपुर : शहर की यातायात व्यवस्था में अवैध पार्किंग सबसे अधिक बाधा उत्पन्न कर रही है। अब लोगों को पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने को स्मार्ट सिटी की योजना मूर्त रूप लेने लगी है। कचहरी चौक के पास तैयार किया जा रहा आफ स्ट्रीट सरफेस पार्किंग स्पेस के निर्माण का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद उस क्षेत्र में लोगों की दुपहिया एवं चार पहिया पार्किंग की समस्या से पार्किंग से निजात मिल सकेगी।

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नगर आयुक्त सह भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रफुल्ल चंद्र यादव ने कहा की पार्किंग का कार्य अंतिम चरण में है। अगले महीने पूरी होगी। कचहरी चौक पर पार्किंग स्थल पर गार्ड रूम, टायलेट, सेप्टिक टैंक और लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। वहां दुपहिया और चार पहिया दोनों तरह के वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी।

वहीं स्मार्ट रोड परियोजना के अंतर्गत सैंडिस कंपाउंड के किनारे की सड़कों के चौड़ीकरण और वहां पेवर ब्लॉक बिछाने का काम तीव्र गति से किया जा रहा है। इसी क्रम में एक तरफ तिलकामांझी चौक से बरारी और दूसरी तरफ तिलकामांझी चौक से कचहरी चौक के बीच के स्ट्रेच में क्लीनिंग, लेवेलिंग और पेवर ब्लाक बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। आनंदगढ़ और जीरो माइल क्षेत्र में ड्रेन निर्माण का कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

यादव ने कहा कि भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की परियोजनाएं अब स्पष्ट रूप जमीन पर नजर आने लगी हैं।

उन्होंने कहा कि मायागंज स्थित जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कालेज के पास बन रहे नाइट शेल्टर का काम भी 85 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इसके निर्माण से आमलोगों को लाभ होगा। यहां दवा की दुकान, कैंटीन दुपहिया और चार पहिया वाहन की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सैंडिस कंपाउंड में 30 अलग अलग अवयवों पर कार्य प्रगति पर है। उनमें से आठ अवयवों का काम पूरा हो चुका है।

मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर फार कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परियोजना के अंतर्गत 151 किलोमीटर परिधि में आप्टिकल फाइबर बिछाया जाना है। साथ ही 16 चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्राफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जायेगा, 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। व्हीकल ट्राफिक सिस्टम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। आठ किलोमीटर के कोर एरिया में आप्टिकल फाइबर बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। वहीं आइसीसीसी बिल्डिंग परियोजना का कार्य भी प्रगति पर है। इसके अंतर्गत बेसमेंट ग्राउंड फ्लोर और पांच तल का निर्माण किया जाना है। इसके पहले तल्ले पर डाटा सेंटर स्थापित किया जाएगा और दूसरे और तीसरे तल्ले पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और वीडियो वाल का निर्माण होगा।


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