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शराब माफिया को महकमे की गोपनीय जानकारी करता था लीक Bhagalpur News

स्थानीय लोगों दबी जुबान से यहां तक कहते हैं कि बंटी के मोबाइल से शराब माफिया के साथ होने वाली डील का सच भी उजागर हो जाएगा।

Dilip ShuklaThu, 27 Jun 2019 04:56 PM (IST)
शराब माफिया को महकमे की गोपनीय जानकारी करता था लीक Bhagalpur News

भागलपुर [जेएनएन]। जोगसर पुलिस चौकीं में डकैती के आरोपित बंटी सिंह को जगह क्या मिली वह महकमे की गोपनीय जानकारियों को जरायम पेशेवरों को लीक करने लगा। खबर प्रकाशित होने के बाद बंटी भूमिगत हो चुका है। जांच में पुलिस और जरायम गठजोड़ का सच परत दर परत खुलकर सामने आ सकता है।

पुलिस चौकी प्रभारी हो सकता हो उसकी इस गतिविधियों से अनजान हो लेकिन चौकी क्षेत्र में आम लोगों की जुबान पर यह चर्चा जोरों की है कि वह थाने की गोपनीय सूचनाएं जरायम पेशेवरों को लीक करता था। क्षेत्र में सक्रिय शराब माफिया, गांजा माफिया और भू-माफियाओं तक महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाया करता था। इसलिए शंकर टॉकीज चौक, ढेबर गेट, लाजपत पार्क और घाट क्षेत्र में जरायम पेशेवरों की धरपकड़ में की गई छापेमारी असफल हुआ करती है।

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स्थानीय लोगों दबी जुबान से यहां तक कहते हैं कि बंटी के मोबाइल से शराब माफिया के साथ होने वाली डील का सच भी उजागर हो जाएगा। उसके जरिए ही शराब माफिया, भू-माफिया और गांजा बेचने वालों की डील हुआ करती थी। किससे कितनी राशि लेनी है। वह हिसाब रखता था। ट्रैक्टर और ट्रकों से रात्रि पहर की गश्ती में वसूली का भी हिसाब-किताब उसी के हाथ में होता था। जमीन संबंधी विवाद के निष्पादन को लेकर वह स्वयं अनुसंधानकर्ता के साथ मौके पर जाता था। इसके लिए पार्टी को एक सैलून में बुलाता था। वहीं डील हुआ करती थी।

बीते सप्ताह वह एक जांचकर्ता सहायक अवर निरीक्षक के साथ कजरैली थाना क्षेत्र स्थित एक पार्टी को हड़का दिया था। जांचकर्ता सहायक अवर निरीक्षक और बंटी ने अपने एक रिश्तेदार के पक्ष में दूसरी पार्टी को मार डालने की धमकी तक दे डाली। जिसकी शिकायत एसएसपी आशीष भारती को मोबाइल पर दूसरे पक्ष ने दी। उस मामले की जांच सिटी एसपी कर रहे हैं।

तीन अवर निरीक्षकों को शातिर ने कराया था बाइपास में जमीन का सौदा
जोगसर पुलिस चौकी में वसूली के लिए 2009 बैच के जिस चहेते दरोगा ने शातिर बंटी की घुसपैठ कराई थी, उसके जरिए ही तीन अवर निरीक्षकों ने बाइपास में जमीन की खरीद की थी। कहा जा रहा है कि भागलपुर-अमरपुर रोड स्थित बाइपास में बेशकीमती भूखंड का सौदा कराने में बंटी ने हबीबपुर के एक कुख्यात अपराधी की मदद ली थी।


बंटी और उसके संरक्षक अवर निरीक्षकों से खार खाए महकमे के नाराज साथी अब उसकी करतूतों को दबी जुबान से बाहर करने लगे हैं। जिससे बंटी और उसे संरक्षण देने वाले कुछ चहेते अवर निरीक्षकों की सांठगांठ की परत खुलने लगी है। हबीबपुर के जिस कुख्यात की मदद बाइपास में जमीन की डील में ली गई जेल में बंटी उसका मियादी (स्थानीय प्रचलित शब्द जो जेल में साथ बिताने वाले बंदी एक दूसरे के लिए इसी शब्द का प्रयोग करते हैं) रह चुका है।


कहा जाता है कि जमीन खरीदने वाले तीनों अवर निरीक्षक फिलहाल भागलपुर जोन के दूसरे जिलों में तैनात हैं। तीनों 2009 बैच के ही हैं। उस दागी को जोगसर पुलिस चौकी में तैनात गृह रक्षक या जिला पुलिस बल के जवान छोटा बाबू से कम इज्जत नहीं बख्शा करते थे। चर्चा तो यह भी है कि वह वसूली का एकमुश्त रकम पड़ोस के जिले में खुद लेकर पहुंचाने जाता था। ताकि पकड़े जाने की स्थिति में सीधा आक्षेप से बचा जा सके। यह बात भी सामने आई है कि बंटी जब डकैती कांड में शाहकुंड पुलिस के हाथों गिरफ्तार होकर जेल गया था तब जेल में ही पहचान परेड हुई थी। चर्चा है कि पहचान परेड में उसने वादी से नोकझोंक करने का प्रयास किया था। तब उसका साथी अमरपुर पवैय भलुआर गांव निवासी मिथुन भी तन गया था। तब सख्त जेल प्रशासन ने दोनों की अच्छी खबर ली थी।

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