अररिया : मेजर को देखकर भाग जाती थीं लड़कियां, हैवानियत ऐसी कि मानवता भी शर्मसार, अब फांसी पर लटकेगा दुर्दांत

बिहार के अररिया में दुष्‍कर्म का एक मामला पिछले दिनों आया था। दुष्‍कर्म का आरोप सिद्ध होने पर 56 दिनों में ही अदालत ने एक बार फ‍िर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दुष्‍कर्मी को फांसी की सजा सुनाई गई है।

Dilip Kumar ShuklaPublish: Thu, 27 Jan 2022 11:31 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 11:31 PM (IST)
अररिया : मेजर को देखकर भाग जाती थीं लड़कियां, हैवानियत ऐसी कि मानवता भी शर्मसार, अब फांसी पर लटकेगा दुर्दांत

जागरण संवाददाता, अररिया। अररिया अदालत ने एक बार फ‍िर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दुष्‍कर्म का आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने मु. मेजर को फांसी की सजा सुनाई। मेजर पर कई आपराधिक घटनाएं के मामले विभिन्‍न थाने में दर्ज हैं। दुष्‍कर्म के कई आरोपी मेजर पर लगे हैं। कहा यह भी जा रहा है मेजर के भय से लड़किया सहमी रहती थी। घर से नहीं निकलती थी। यहां तक की छोटी बच्‍च‍ियों पर भी उसकी बुरी नजर रहती थी।

मेजर पर 2015 में पूर्णिया के जानकीनगर में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। 2020 में अररिया महिला थाना अररिया में भी उसपर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। भरगामा व अररिया में अनुसूचित जाति अधिनियम में उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। एसपी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि दो दिसंबर, 2021 में दर्ज दुष्कर्म के पांचवें मामले में उसे 56 दिनों में ही फांसी की सजा मिल गई। कई मामले को दर्ज भी नहीं हुए हैं।

अररिया न्यायालय का फैसला आने के बाद कहा कि दुष्कर्मी मु. मेजर को दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा मिली है। एससी-एसटी एक्ट में अजीवन कठोर करावास व दस हजार रुपये का जुर्माना का सजा सुनाया गया है। साथ ही दस लाख रुपये कंपनशेसन फंड के तहत मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। अररिया न्यायालय का यह एक ऐतिहासिक फैसला है, जो समाज के लिए एक संदेश है। दोषी किसी सूरत में नहीं बच सकते।

एसपी ने कहा कि भरगामा प्रखंड के बीरनगर बिसहरिया के एक गांव में एक छह साल के मासूम बच्ची के साथ आरोपित मु. मेजर ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में दुष्कर्म, पोक्सो सहित अन्य धाराओं में महिला थाना में मामला दर्ज हुआ था। वैज्ञानी व अन्य पद्धति से जांच, पीडि़ता का उपचार तथा अनुसंधान कर 41 दिनों के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। पुलिस अभिरक्षा में सभी गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर मो. मेजर दोषी पाया गया और उसे फांसी की सजा सुनाया गया। कहा कि अररिया न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला है। गलत व अपराधिक मंशा रखने वालों के लिए एक सबक है।

शहर से हुई थी गिरफ्तारी : एसपी ने कहा कि आरोपित मो. मेजर के लिए पुलिस की स्पेशल टीम गठित की गई थी। नाटकीय ढंग से शहर के चांदनी चौक मेजर को गिरफ्तार किया गया था। अररिया की अदालत ने 56 वें दिन एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जो समाज के लिए एक संदेश है।

पुलिस अधिकारी होंगे पुरस्कृत

एसपी ने कहा कि मेजर की गिरफ्तारी से सजा दिलाने तक अहम भूमिका निभाने वाले एसडीपीओ अररिया पुष्कर कुमार, एसडीपीओ फारबिसगंज रामपुकार स‍िंह, मुख्यालय डीएसपी सुबोध कुमार, महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी, पुनि. प्रद्युमन सिंह, पुअनि प्रकाश चंद दूबे, प्रकाश चंद, उमेश कुमार, अनीमा कुमारी, सअनि रविदत्त शर्मा आदि पुरस्कृत किए जाएंगे।

12 जनवरी को आरोप पत्र दाखिल

केस के अनुसंधानकर्ता के रूप में महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी ने पीडि़ता और उसके घर वालों के बयान दर्ज किया था। पीडि़ता का मेडिकल उपचार व जांच के बाद अनुसंधान में घटना सही पाते हुए 12 जनवरी 2022 को न्यायलय में आरोप पत्र समर्पित की थी।

किसी सूरत में नहीं बच पाएंगे दोषी

अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि अपराधी व दुष्कर्मी चाहे जितना भी चालाक व दबंग हो किसी सूरत में नहीं बच सकते। दुष्कर्मी मो. मेजर से अपराधी व दुष्कर्मी सबक लें। बताया कि घटना के समय ही हमने गांव वालों को आश्वासन दिया था कि आरोपित को कड़ी सजा मिलेगी। आज सजा मिल गई है। हमने जो कहा था वह हुआ है। सांसद ने कहा कि अररिया न्यायालय व पुलिस प्रशासन धन्यवाद के पात्र हैं। पुलिस ने दुष्कर्मी मेजर को नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया और पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराकर न्यायलय से फांसी की सजा दिलाने में कामयाब रही।

अररिया न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष के आधार पर मेजर को सजा सुनाया, इससे लोगों में न्यायलय व पुलिस के प्रति और विश्वास बढ़ा है। आरक्षी अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, एसडीपओ पुष्कर कुमार सहित सभी पुलिस के जवान, जिन्होंने मेजर को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभायी है, उसे बधाई हो। सांसद ने कहा कि मेजर के नाम का दहशत था। गांव की महिलाएं सुरक्षित नहीं थी। मेजर 25-30 घटना पहले भी कर चुका था। जिससे गांव में खौफ का माहौल था। मेजर को फांसी की सजा का आदेश मिलने पर गांव के लोग बहुत खुश हैं और अपराधियों के बीच खौफ है। गलत करने वाले कभी नहीं बख्शे जाएंगे।

आठ अक्टूबर 2021 को भी हुई है एक को फांसी की सजा

करीब दो साल पहले मिर्जापुर गांव में बिषहरी पूजा का मेला देखने गई एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस अतिसंवेदनशील मामले में अररिया के पोक्सो एक्ट के स्पेशल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शशिकांत राय की अदालत में सुनवाई पूरी करते हुए आठ अक्टूबर को 2021 को 21 वर्षीय अमर कुमार नामक एक युवक को जीवन समाप्त होने तक का फांसी की सजा मुकर्रर किया गया था। साथ ही कोर्ट ने पीडिता की मां को विक्टिम कंपनसेशन फंड से दस लाख रुपए आर्थिक सहायता राशि देने को लेकर अररिया के डीएलएसए को निर्देश दिया है।

स्पेशल कोर्ट ने दोनों पक्ष की सजा की बिंदु पर आठ अक्टूबर को दोषसिद्ध आरोपित बने सिमराहा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर छर्रापट्टी टोला निवासी किशनलाल दास के एक्कीस वर्षीय पुत्र अमर कुमार की उपस्थिति में सुनवाई पूरी की थी। आरोपित को सभी साक्ष्य के आधार पर भादवि की धारा 376(डी) (बी), 302 तथा 201 सहित पोक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत दोषी करार दिया तथा उक्त आरोपित की जमानत सुविधा को समाप्त करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया।

तत्पश्चात कोर्ट ने सजा की बिंदु पर सुनवाई के दौरान सिद्धदोष आरोपित अमर कुमार को भादवि की धारा -376 (डी) (बी) एवं धारा-302 के अंतर्गत उसे उसके जीवन समाप्त होने तक फांसी पर लटकाए जाने का फैसला सुनाया था। साथ ही कोर्ट ने उक्त आरोपित को भादवि की धारा-201 में तीन वर्षो का सश्रम कैद व तीन ह•ाार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया और जुर्माना नही देने पर दस दिनों का अतिरिक्त साधारण कैद की सजा भी मुकर्रर किया। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया की आरोपित को पोक्सो एक्ट की धारा-4 के प्रकाश में उसे केवल दोषसिद्ध करार दिया और उसे भादवि की धारा-376 (डी) (बी) में दंडित होने के कारण बडे दंड से उक्त आरोपित सुसज्जित है।

कब का था मामला

ये घटना दिनांक-05 अगस्त की रात्रि दस बजे से 06 अगस्त, 2019 के बीच की थी। पीडित छात्रा का लालनपालन अपनी नानी के यहां ही हुआ तथा घटना तिथि को पीडिता सूचक बनी अपनी नानी के साथ गांव में नागपंचमी के उपलक्ष्य में लगे बिषहरी स्थान पर पूजा स्थल पर लगे मेला देखने प्रस्थान की। परंतु उसके साथ गई पीडिता नहीं मिली। सपरिवार काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया। दिनांक छह अगस्त को प्राप्त सूचना पर पीडिता का शव बिषहरी स्थान के समीप सड़क किनारे पाया गया।

Edited By Dilip Kumar Shukla

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