कृषि क्षेत्र के विकास से ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ेगा रोजगार

संवाद सूत्र बांका केंद्रीय बजट एक फरवरी 2022 को संसद में पेश किया जाना है। हर साल केंद्रीय बजट की घोषणा पर लोगों की नजर रहती है। बजट भारत में हर एक व्यक्ति को प्रभावित करता है।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 10:23 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 10:23 PM (IST)
कृषि क्षेत्र के विकास से ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ेगा रोजगार

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कैचवर्ड : बजट से उम्मीद

-केंद्रीय बजट को लेकर जिले के अर्थशास्त्रियों को कई उम्मीदें

-आर्थिक सुधार के लिए और बेहतर कदम उठाने की जरूरत

संवाद सूत्र, बांका : केंद्रीय बजट एक फरवरी 2022 को संसद में पेश किया जाना है। हर साल केंद्रीय बजट की घोषणा पर लोगों की नजर रहती है। बजट भारत में हर एक व्यक्ति को प्रभावित करता है।

ऐसे में जिले के अर्थशास्त्रियों को आर्थिक सुधार के लिए और बेहतर कदम उठाए जाने की उम्मीद है। साथ ही करदाताओं को वित्त मंत्री से कुछ छूट या राहत की उम्मीद है। इसके अलाव कोरोना काल में सबसे बड़ी समस्या रोजगार है। कोरोना के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी का स्तर और बढ़ गया है। ऐसे में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए इस बजट में प्रावधान की जरूरत है।

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अर्थशास्त्रियों की राय

कृषि क्षेत्र और किसान कल्याण की हो बात

इस बार का बजट कृषि क्षेत्र के विकास पर केंद्रीत होनी चाहिए। अन्य बिदुओें के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के विकास पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए। कृषि क्षेत्र के विकास से ग्रामीण स्तर पर रोजगार की समस्या दूर होगी। अगर हम राज्य स्तर की बात करें तो बिहार कृषि प्रधान है। ज्यादातर लोग खेती-किसानी से जुड़े हैं। इसलिए इस पर जोर देने की जरूरत है।

मिमांशा राज, शोधार्थी, बीएयू

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मध्यम वर्गीय लोगों को मिले राहत

कोरोना काल में सबसे अधिक मध्यम वर्ग प्रभावित हुई है। सरकार की ओर मध्यम वर्ग के लोगों की मदद के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। आम बजट में सरकार को इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। साथ ही युवाओं के रोजगार के लिए भी पहल करने की जरूरत है। कोरोना काल में बेरोजगारी दर काफी बढ़ गई है।

प्रो. सुनील कुमार चौधरी, अर्थशास्त्र, डीएन सिंह कालेज, रजौन

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अतिरिक्त कर का न पड़े बोझ

कोरोना काल में आय और व्यय के अनुपात में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसके लिए बजट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सरकार को आय के अन्य स्रोतों पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे लोगों पर अतिरिक्त कर का बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार को बजट में सार्थक कदम उठाए जाने की जरूरत है।

राकेश रंजन, अर्थशास्त्र शिक्षक, आरएमके, बांका

Edited By Jagran

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