अच्छे दिन आ रहे हैं! टाटा मोटर्स के कमर्शियल वाहन सेगमेंट की मांग में धीरे-धीरे हो रहा है सुधार

कोरोनावायरस के दूसरी लहर के बाद मांग में धीरे-धीरे सुधार का हवाला दिया। इसके अनुसार आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण सुधार शुरू हुआ जिसने एक मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री को प्रेरित किया है।

Atul YadavPublish: Sat, 22 Jan 2022 05:02 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 08:25 AM (IST)
अच्छे दिन आ रहे हैं! टाटा मोटर्स के कमर्शियल वाहन सेगमेंट की मांग में धीरे-धीरे हो रहा है सुधार

नई दिल्ली, आइएएनएस। कोरोना काल के दौरान ऑटोमोबाइल्स इंडस्ट्री बंद हो गई थी, वहीं पिछले साल जब खुली तो वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि, कई कारणों से वाहनों की बिक्री में गिरावट देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से, कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान यह सेगमेंट एक बड़ी गिरावट से गुजरा है।इसी बीच टाटा मोटर्स ने एक खुशखबरी शेयर की है। कंपनी का कहना है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र की मजबूत मांग के साथ-साथ केंद्र के त्वरित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से कमर्शियल वाहन सेगमेंट में धीरे-धीरे सुधार हुआ है।

आइएएनएस के साथ बातचीत में, टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने दूसरी लहर के बाद मांग में धीरे-धीरे सुधार का हवाला दिया। इसके अनुसार, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण सुधार शुरू हुआ, जिसने एक मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री को प्रेरित किया है।

टाटा के निदेशक का बयान

टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कि एफएमसीजी, एफएमसीडी, कृषि आपूर्ति और अन्य ई-कॉमर्स उत्पादों जैसे अंतिम-मील एप्लिकेशन्स में बढ़ी गतिविधि छोटे वाणिज्यिक वाहनों (एससीवी) और मध्यवर्ती और हल्के कमर्शियल वाहन (आई एंड एलसीवी) में मांग में वृद्धि के लिए प्रमुख उत्प्रेरक रही है। एम एंड एचसीवी (मध्यम और भारी कमर्शियल वाहन) ने निर्माण, खनन और ई-कॉमर्स क्षेत्रों से मांग में धीरे-धीरे सुधार देखा है।

स्क्रैपेज नीति से होगा फायदा

मध्यम अवधि में भी, उन्होंने कहा कि निर्माण और ई-कॉमर्स क्षेत्र के विकास में पुनरुद्धार के कारण प्रवृत्ति जारी रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, उन्होंने निकट भविष्य में कमर्शियल वाहन की मांग को बढ़ाने के लिए केंद्र की हाल ही में घोषित पहल जैसे स्क्रैपेज नीति और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (पीएलआई) का हवाला दिया।

माल ढुलाई और डीजल की दर में क्रमिक रूप से सुधार हुआ है, जो माल परिवहन की मांग में पुनरुद्धार का संकेत देता है, हालांकि ट्रांसपोर्टर की लाभप्रदता अभी भी तनाव में हो सकती है। वाघ के अनुसार, बाजार की स्थिति में सुधार हो रहा है और कंपनी आशावादी है क्योंकि बुनियादी ढांचा परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है।

Edited By Atul Yadav

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