मोटरसाइकिल लेकर सड़क पर निकलने के पहले जरूर रखें ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स, नहीं तो कटेगा भारी चालान

मोटरसाइकिल चालक के पास वाहन चलाते समय उचित दस्तावेज़ों को होना और हमेशा अपने पास रखना बेहद जरूरी है। इन दस्तावेज़ों को किसी भी आपात स्थिति के लिए अपटू डेट और तैयार रखना चाहिए। ये दस्तावेज इंश्योरेंस क्लेम करने और वाहन की पर्मिट बनवाने आदि में हमेशा काम आते हैं।

Atul YadavPublish: Thu, 21 Apr 2022 09:01 AM (IST)Updated: Fri, 22 Apr 2022 07:47 AM (IST)
मोटरसाइकिल लेकर सड़क पर निकलने के पहले जरूर रखें ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स, नहीं तो कटेगा भारी चालान

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। यातायात पुलिस इन दिनों काफी सख्त है, ऐसे में अगर आप भी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते हैं तो ये बात समझ लें कि बाइक से यात्रा करने का यह मतलब नहीं होता कि बस बाइक उठाए और निकले पड़ें, यात्रा के दौरान ज़रूरी काग़ज़ात का हमेशा अपने पास रखना बेहद ज़रूरी होता है। यदि कोई व्यक्ति जरूरी कागजों के बिना गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है। कई बार अच्छा खासा चालान भी कट जाता है। इस लिए भारी चालान से बचाना हो तो जरूर साथ में रखें ये डॉक्यूमेंट्स

ड्राइविंग लाइसेन्स

ड्राइविंग लाइसेन्स (DL) से यह प्रमाणित होता है कि व्यक्ति को किस तरह के वाहनों - दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया, को चलाने की अनुमति है। ड्राइविंग टेस्ट पास करने के पश्चात ही ड्राइवर को डीएल दिया जाता है। यह वाहन रखने का एक प्रमाण पत्र भी होता है। ड्राइविंग लाइसेन्स की समय सीमा समाप्त होने के पश्चात इसको रेन्यू करवाना अति आवश्यक होता है। यदि किसी को उचित डीएल के बिना गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे इस जुर्म के लिए जुर्माना देना पड़ सकता है।

टू-व्हिलर रेजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट

रेजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट आरसी इस बात का सबूत होती है कि वाहन का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पंजीकरण हुआ है। इसमें वाहन की श्रेणी, जिन सीमाओं में वाहन का प्रयोग किया जा सकता है, चेचिस और इंजन नम्बर, साथ ही प्रयोग किए जाने वाले ईंधन की जानकारी और उसकी क्षमता की जानकारी होती है। आरसी की कुछ समय बाद समय सीमा समाप्त हो जाती है जिसके बाद इसको रेन्यू करवाना आवश्यक होता है। आरसी के बिना यात्रा करना अवैध माना जाता है।

वाहन फ़िट्नेस प्रमाण पत्र

यात्रा के दौरान दो पहिया वाहन का अनुकूल अवस्था में होना आवश्यक होता है। वाहन के फ़िट्नेस की जाँच आरटीओ द्वारा की जाती है, अगर वे उत्सर्जन क्षमता में कोई गड़बड़ या समस्या पाते है तो वे प्रमाण पत्र नहीं जारी करते है। बिना फ़िट्नेस प्रमाण पत्र के सड़क पर यात्रा करना वैध नहीं होता है।

चालक का मेडिकल सर्टिफ़िकेट

50 वर्ष की निश्चित आयु के बाद ड्राइवर को पूछे जाने पर मेडिकल सर्टिफ़िकेट दिखाना होगा। मेडिकल सर्टिफ़िकेट में एक प्रमाणित डॉक्टर जिसने व्यक्ति को दोपहिया चलाने के लिए फिट होने का आकलन किया हो उसका हस्ताक्षर होना आवश्यक होता है।

वाहन बीमा

क़ानून के मुताबिक़ किसी भी गाड़ी का वाहन बीमा वाहन चलाने वाले के लिए सबसे ज़रूरी काग़ज़ों में से एक होता है। यह दस्तावेज बीमाकर्ता का नाम, गाड़ी का रेजिस्ट्रेशन नम्बर, कोवेरेज प्रकार और बीमा की समयावधि जैसी जानकरियाँ रखता है। बीमा के प्रकारों में शामिल है : थर्ड पार्टी बाइक इंश्योरेंस

स्वतः बाइक डैमेज पॉलिसी,व्यापक दो पहिया पॉलिसी, और भी कुछ अन्य प्रकार शामिल है।

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र

उत्सर्जन वातावरण में प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है, जिसकी जाँच होना बेहद आवश्यक होता है। इस प्रमाण पत्र में बाइक के उत्सर्जन स्तर की जानकरियाँ होती है। इसके स्तर का सरकार द्वारा तय किए गए मानक के हिसाब से मिलान होना ज़रूरी होता है। उत्सर्जन नियंत्रण पॉलिसी को बार बार संशोधित किया जाता है। यदि पीयूसी सर्टिफ़िकेट की समयावधि समाप्त हो जाती है तो वाहन स्वामी को इसे तत्काल रेन्यू करवा लेना चाहिए।

Edited By Atul Yadav

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