क्या आपका भी बकाया है पुराना चालान? जल्द भरें नहीं तो हो जाएंगी ये परेशानियां

सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ही यातायात नियम हैं और जब कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन ड्राइव करता है तो वह खुद के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा करता है।

Atul YadavPublish: Sun, 29 May 2022 02:43 PM (IST)Updated: Mon, 30 May 2022 07:15 AM (IST)
क्या आपका भी बकाया है पुराना चालान? जल्द भरें नहीं तो हो जाएंगी ये परेशानियां

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। यातायात नियमों को लेकर सरकारें काफी सख्त हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने को लेकर बड़ी संख्या में लोगों के चालान काटे जाते हैं, इसके साथ ही नियमों के अनुसार कई मामलों में ऐसे लोगों को जेल भेजने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद भारी मात्रा में लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिसके कारण उन्हें चालान का सामना करता पड़ता है।

आपको जानकारी के लिए बता दें, देश में हर साल एक लाख से ज्यादा लोगों की जान एक्सीडेंट की वजह से जाती है। इससे बचने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ही यातायात नियम हैं और जब कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन ड्राइव करता है तो वह खुद के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा करता है।

लंबे समय से नहीं भरा चालान?

क्या आपने भी लंबे समय से चालान नहीं भरा है? अगर हां तो चालान का भुगतान जल्द कर दें, ताकि आप टेंशन फ्री रहकर गाड़ी चला सकें। कुछ लोग लंबे समय तक चालान नहीं भरते हैं, ऐसे में आम तौर पर दो तरह की बातें होती हैं। पहली यह कि पुलिस द्वारा आपका चालान कोर्ट को भेज दिया जाता है और फिर कोर्ट लंबे समय तक उस चालान के पेंडिंग रहने की कंडीशन में समन जारी करती है, जो उस व्यक्ति के पते पर पहुंचता है, जिसका चालान कटा है यानी जो वाहन मालिक है। यहां कोर्ट कई मामलों में जुर्माना भी बढ़ा देती है। हालांकि, कई मामलों में ऐसा नहीं भी होता है। लेकिन, ऐसी स्थिति में आपको कोर्ट जाना पड़ सकता है।

आरसी हो जाती है लॉक

पेंडिंग चालान की स्थिति में वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) लॉक हो जाती है। अब अगर आप आरसी को किसी और के नाम पर ट्रांसफर कराना चाहते हैं, जो आम तौर पर वाहन बेचने के समय पर होता है, तो आप ऐसा तब तक नहीं करा पाएंगे, जब तक उसके पेंडिंग चालान नहीं भरे जाएंगे। आपको पहले पेंडिंग चालान भरने होंगे।

Edited By Atul Yadav

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