Automatic और Manual में कौन सी कार देती है सबसे ज्यादा माइलेज, यहां जानें

Automatic VS Manual Car ऑटोमैटिक कारों को लग्जरी से जोड़कर देखा जाता है। ये कारें चलाने में काफी ज्यादा आसान होती हैं। हालांकि मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों में आपको कई बार ड्राइविंग के दौरान पावर की कमी महसूस हो सकती है।

Atul YadavPublish: Thu, 09 Jun 2022 11:59 AM (IST)Updated: Fri, 10 Jun 2022 07:36 AM (IST)
Automatic और Manual में कौन सी कार देती है सबसे ज्यादा माइलेज, यहां जानें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। एक समय था जब भारत में ऑटोमैटिक कारें बहुत ही रेयर दिखती थी। केवल कुछ मुट्ठी भर वाहन निर्माता अपने लाइनअप में चुनिंदा मॉडलों में ऑटो वेरिएंट पेश करते थे। हालांकि, आज चीजें तेजी से बदल रही हैं, अधिकांश कार निर्माता अब अपनी बजट कारों पर भी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प की पेशकश कर रहे हैं। इसका एक कारण लगातार बढ़ते ट्रैफिक और लॉन्ग ट्रिप में लगने वाला लंबा समय है। हालांकि, हर चीज की तरह, लोग ऑटोमैटिक कार को लेकर अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं और उनके मन में सवाल उठता है कि ऑटोमैटिक और मैन्युअल ट्रांसमिशन वाली गाड़ियों में कौन बेहतर है। इस ऑर्टिकल में आपको अपने सवाल का जवाब मिलने वाला है।

मैनुअल ट्रांसमिशन: मैनुअल ट्रांसमिशन भारत में काफी पॉपुलर है। हालांकि आजकल कारों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी दिया जाता है लेकिन मैनुअल ट्रांसमिशन कारों की पॉपुलैरिटी फिर भी बरकरार है। इसकी कई सारी वजहें हैं। आपको बता दें कि मैनुअल ट्रांसमिशन आपको अपनी जरूरत के हिसाब से स्पीड में बदलाव करने का विकल्प देता है। आप कम स्पीड के लिए लो-गियर या हाई स्पीड के लिए हाई गियर बदल सकते हैं। स्पीड के हिसाब से गियर मिलने की वजह से फ्यूल की खपत कम होती है। मैनुअल कारों में वाहनों को टेक ओवर करना काफी आसान होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जैसे ही आप गियर अप करते हैं आपकी स्पीड तुरंत बढ़ जाती है। इसके साथ ही मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों की मेंटेनेंस भी काफी आसान होती है। हालांकि मैनुअल कारों को चलाने के लिए ऑटोमैटिक कार की अपेक्षा ज्यादा ट्रेनिंग लेनी पड़ती है।

ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन: ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारें भारत में काफी ट्रेंड में हैं। दरअसल ऑटोमैटिक कारों को लग्जरी से जोड़कर देखा जाता है। ये कारें चलाने में काफी ज्यादा आसान होती हैं। हालांकि मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों में आपको कई बार ड्राइविंग के दौरान पावर की कमी महसूस हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैनुअल कारों में आपको तुरंत पावर नहीं मिलती है। जब आप कारों को एक्सेलरेट करते हैं तो स्पीड बढ़ने के लिए आपको कुछ सेकेंड्स का इन्तजार करना पड़ता है। ऐसे में आपको ज्यादा देर तक कार को एक्सेलरेट करना पड़ता है जिसमें फ्यूल की खपत काफी होती है। कई बार गड्ढे या ढलान पर भी आपको कार को ज्यादा एक्सेलरेट करना पड़ता है जिसमें फ्यूल ज्यादा खर्च होता है।

कीमत

कीमत के मामले में ऑटोमैटिक कारें मैनुअल ट्रांसमिशन वाले कारों से महंगी होती है।

Edited By Atul Yadav

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