व्यापारियों के लिए जीएसटी का होगा वेब पोर्टल

बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एक जुलाई 2017 से लागू होने पर अनाज, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, साबुन और कोयला जैसी वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। रोजमर्रा की जरूरत की चीजें सस्ती होने से न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि कोयले के सस्ते होने से बिजली उत्पादन की लागत भी कम होगी। इसके उलट सोना, चांदी और महंगी कारें जैसी अमीरों के इस्तेमाल की वस्तुएं जीएसटी लागू होने पर महंगी हो सकती हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की गुरुवार को यहां दो दिवसीय बैठक के पहले दिन विभिन्न वस्तुओं को जीएसटी की प्रस्तावित चार दरों- 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद की दर में फिट किया गया। कुल 1,211 वस्तुओं में से छह को छोड़कर शेष सभी पर काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। जीएसटी के चेयरमेन नवीन कुमार ने कहा कि जीएसटी का अपना एक पोर्टल होगा जिसपर व्यापारी अपना टैक्स रिटर्न भी फाइल कर सकते हैं।