जागरण के साथ जाने गोरखपुर हादसे में अब तक क्या हुआ, किसने क्या कहा

Sun, 13 Aug 2017 08:24 AM (IST)

गोरखपुर (जेएनएन)। बीआरडी मेडिकल कालेज में सौ बेड के आइसीयू सहित दूसरे आइसीयू व वार्डों में नौ अगस्त की देर रात से आक्सीजन सप्लाई ठप होने से 48 घंटों में 48 मरीजों व मासूमों व अन्य मरीजों ने तड़पकर दम तोड़ दिया। यह सिलसिला रात 11.30 बजे से शुरू हुआ व सुबह नौ बजे तक जारी रहा। आअो जाने अब तक इस हादसे की पूरी कहानी 

-सूत्रों के अनुसार मेडिकल कालेज के नेहरु अस्‍पताल में सप्‍लाई करने वाली फर्म का 69 लाख रुपए का भुगतान बकाया था जिसके चलते गुरुवार शाम को फर्म ने अस्‍पताल में लिक्विड ऑक्‍सीजन की आपूर्ति ठप कर दी थी। 

-गुरुवार से ही मेडिकल कालेज में जम्‍बो सिलेंडरों से गैस की आपूर्ति की जा रही है। बीआरडी मेडिकल कालेज में दो साल पहले लिक्विड आक्सीजन का प्‍लांट लगाया गया था। इसके जरिए इंसेफेलाइटिस वार्ड सहित करीब तीन सौ मरीजों को पाइप के जरिए आक्सीजन दी जाती है।

-अस्पताल प्रशासन के साथ साथ अस्पताल के बाल रोग विभाग को चिट्ठी के जरिए सूचना दी गई थी कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी है।

-ये चिट्ठी बीआर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ साथ गोरखपुर डीएम और उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग महानिदेशक को भेजी गई है।

- लेकिन सूचना के बाद भी अस्पताल प्रशासन से लेकर किसी ने ध्यान नहीं दिया जिससे अाक्सीजन सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गयी। 

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-इस वजह से नौ तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुईं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल वॉर्ड यानी नवजात शिशुओं को रखने के वॉर्ड में हुई जिसमें प्रीमैच्योर बेबीज़ रखे जाते हैं।

-यह भी हैरतअंगेज है कि 10 अगस्त की रात को ऑक्सीजन की सप्लाई खतरनाक रूप से कम हो गई। लेकिन तब तक 30 बच्चों समेत 48 लोगों की मौत हो चुकी थी।

 -आज सुबह कांग्रेस के नेता गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल पहुंचे और अस्पताल का दौरा किया. अस्पताल में ग़ुलाम नबी आज़ाद, राज बब्बर, आरपीएन सिंह और प्रमोद तिवारी मौजदू रहे।

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-गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी यूपी सरकार को माफ़ी मांगनी चाहिए और यूपी सरकार मामले में लीपापोती कर रही है मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये। 

 -गोरखपुर के बीआरडी अस्पतालमें 30 बच्चों की मौत की खबर पर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया ट्विटर पर दी है। उन्होंने कहा है कि बिना ऑक्सीजन के 30 बच्चों की मौत हादसा नहीं, हत्या है. क्या हमारे बच्चों के लिए आजादी के 70 सालों का यही मतलब है।

-कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 30 बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें इस भयावह त्रासदी से बड़ा दुख हुआ है।

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-कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने ट्वीट किया, बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदना ऐसे बच्चों के परिवारों के साथ है।

-वहीं समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव व अखिलेश यादन ने कहा है कि यूपी के इतिहास में बच्चों की मौत की इससे बड़ी घटना नहीं हुई है। गोरखपुर में जो अधिकारी तैनात हैं उन्हें किसी का डर नहीं है। 

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