वाह रे न्याय! सामूहिक दुष्कर्म की सजा चप्पल

Tue, 18 Jul 2017 12:07 AM (IST)

अलीगढ़ : कस्बा जट्टारी में दो द¨रदों ने किशोरी को हवस का शिकार बना डाला। रिपोर्ट के लिए पीड़िता के परिजन पुलिस चौकी पहुंचे तो दारोगा ने बदनामी का भय दिखाकर चुप रहने की हिदायत देकर चलता कर दिया। बात मीडिया तक पहुंची तो सोमवार की शाम पंचायत बिठाकर आरोपियों की युवती से चप्पल से पिटाई कराकर समझौता करा दिया गया।

यह शर्मनाक घटना शनिवार देरशाम की है। 14 वर्षीय किशोरी शौच करने खेत में गई थी। रास्ते में घात लगाए बैठे दो युवकों ने उसे रोक लिया और मुंह बंद कर ज्वार के खेत में खींच ले गए और दुष्कर्म किया। बेहोशी की हालत में किशोरी को छोड़कर भाग गए। होश आने पर किशोरी जैसे-तैसे घर पहुंची। मां-बाप ने उदास चेहरा देख कारण पूछा तो रो पड़ी। इसके बाद पूरी घटना पड़ोस में रह रही मौसी को बताई। बेटी की आबरू लुटने की बात सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सौ नंबर पर सूचना दी तो पुलिस पहुंची और एक द¨रदे को पकड़कर चौकी ले गई। रविवार सुबह पीड़िता का पिता बेटी को साथ लेकर रिपोर्ट लिखाने पुलिस चौकी पहुंचा। पिता का आरोप है कि दारोगा ने बदनामी का भय दिखाकर कह दिया कि जो कुछ हो गया, उसे भूल जाए। जब उसने रिपोर्ट लिखकर द¨रदों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे। छेड़खानी की तहरीर लिखवा ली, लेकिन आरोपियों के खिलाफ शंातिभंग की कार्रवाई कर मामला खत्म कर लिया।

चप्पल लगवाकर कराया फैसला

पुलिस और जनप्रतिनिधि यह ठान लें कि अपराधियों का साथ देना है तो पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद कहां से होगी। कुछ ऐसा ही हुआ इस दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुआ। दुष्कर्म की बात फैली तो सोमवार की शाम पंचायत बुलाई गई। किशोरी से दोनों आरोपियों की चप्पल से पिटाई कराकर फैसला कर दिया। दोनों को हिदायत भी दी कि अब किशोरी की गली में भी नहीं जाएंगे।

इनका कहना है

सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़, मारपीट और पंचायत करके फैसले जैसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर थाने में किसी तरह की तहरीर आई होती तो रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।

-सुन ल कुमार, एसआ टप्पल।

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