चीन के विरोध पर बोले दलाई लामा- भारत ने नहीं किया मेरा इस्तेमाल

Wed, 05 Apr 2017 04:38 PM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। तिब्बती बौद्ध गुरु दलाई लामा के अरुणाचल दौरे का चीन लगातार विरोध कर रहा है, चीन की मीडिया यहां तक कह रही है कि भारत दलाई लामा को चीन के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। इस पर दलाई लामा की तरफ से एक बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि चीन अगर उन्हें असुर भी माने तो भी दिक्कत नहीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि भारत ने चीन के खिलाफ उनका कभी इस्तेमाल नहीं किया है। 

चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया है कि दलाई लामा धर्म की आड़ में चीन के खिलाफ पृथकतावादी गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। दलाई लामा को संवेदनशील क्षेत्र में आमंत्रित करने से भारत और चीन के रिश्ते बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

अब से एक महीने पहले चीन ने 81 वर्षीय दलाई लामा के अरूणाचल दौरे को लेकर भारत से आपत्ति जताई थी और अरूणाचल को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा होने का दावा किया था।

तिब्बती अध्यात्मिक नेता दलाई लामा एक बार फिर पूर्वोत्तर भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर हैं। दलाई लामा पहले भी अरुणाचल प्रदेश की यात्रा कर चुके हैं। तब भी चीन ने ऐसी नाराजगी जतायी थी। भारतीय प्रधानमंत्री के अरुणाचल दौरे पर भी बीजिंग का मायूसी जताना कोई नई बात नहीं हैं।

भारत ने चीन को दिया सटीक जवाब

दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा का विरोध कर रहे चीन को जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के कई राज्यों में उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों और दौरे पर कोई अतिरिक्त रंग नहीं भरना चाहिए।

अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए भारत सरकार ने साफ किया कि चीन को भारत की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। भारतीय विदेश राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि भारत वन-चाइना पॉलिसी का सम्मान करता है। हम चीन से भी ऐसे ही पास्परिक रुख की उम्मीद करते हैं।

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Tags: # Dalai Lama ,  # Arunachal Pradesh ,  # China ,  # India ,  # Politics on Dalai Lama , 

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