चीन ने दलाई लामा के मुद्दे पर भारत को याद दिलाए पुराने वादे...!

Tue, 18 Apr 2017 10:24 AM (IST)

बीजिंग, एएनआइ। तिब्बती अध्यात्मिक नेता दलाई लामा की हालिया अरुणाचल प्रदेश की यात्रा से भारत-चीन में चल रहे तनाव के बीच चीन ने भारत से तिब्बत संबंधी मुद्दों पर अपने गंभीर वादे का सम्मान करने के लिए कहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'पिछले कुछ समय में भारत और चीन के संबंधों में तनाव आया है। पहले कुछ कारणों से जिसे हम सभी भारत-चीन संबंधों की राजनीतिक बुनियाद के रूप में जानते हैं, उनकी उपेक्षा की गई है। इसका भारत-चीन रिश्तों और सीमा विवाद से संबंधित समझौतों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।' लू कांग का इशारा दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की ओर था। 

इसके साथ ही लू ने कहा, 'देखिए, हम भारत से अपील करते हैं कि वह तिब्बत संबंधी मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता का सम्‍मान करे। भारत को चीन के हितों को कमजोर करने के लिए दलाई लामा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि केवल यही एक रास्ता है जिसके जरिए भारत और चीन अपने सीमा के सवाल को सुलझाने के लिए अच्छा माहौल तैयार कर सकते हैं। 

चीन ने दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा से पहले ही अपनी नाराजगी दर्ज करा दी थी कि इससे भारत-चीन के रिश्‍तों पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। इधर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन का हिस्सा बन चुके तिब्बत पर भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। चीन के साथ सीमा विवाद पर भारत स्वच्छ, तार्किक और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान की मांग करता रहेगा।

बता दें कि चार अप्रैल से दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा शुरू होने पर चीन ने भारत के समक्ष राजनयिक विरोध जताया था। हालांकि इसकी संभावना पहले से ही जताई जा रही थी। गौरतलब है कि दलाई लामा वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट त्वांग क्षेत्र के दौरे पर भी गए थे, जहां से उन्होंने 1959 में भारत में प्रवेश किया था।

इसे भी पढ़ें: चालबाज चीन का नया पैंतरा, अरुणाचल को लेकर भारत पर लगाया ये आरोप

Tags: # Dalai lama ,  # China ,  # India ,  # Dalai lama india ,  # Dalai lama arunachal visit ,  # दलाई लामा ,  # भारत , 

PreviousNext
 

संबंधित

चीन के विरोध पर बोले दलाई लामा- भारत ने नहीं किया मेरा इस्तेमाल

आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर चीन ने आपत्ति जताई है। इस पर दलाई लामा ने चीन को जवाब दिया है।