यूपीः इस जिले में भी लापरवाही, यहां पर ऑक्सीजन है पर सप्लाई के लिए पाइप नहीं

Sun, 13 Aug 2017 01:49 PM (IST)

गाजियाबाद (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की तरह जिले की सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन गैस की कमी तो नहीं, लेकिन ऑक्सीजन मरीजों तक पहुंचाने के लिए नली की व्यवस्था नहीं है। इससे ऑक्सीजन होने का कोई फायदा भी नहीं है।

महिला अस्पताल व संयुक्त अस्पताल के वार्ड में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है, जबकि एमएमजी अस्पताल के चाइल्ड और इमरजेंसी वार्ड में है। सूत्रों की मानें तो संयुक्त अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो ऑक्सीजन का सिलेंडर खोलने वाला ही नहीं मिलता और मरीज को रेफर कर दिया जाता है।

एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में सेंट्रल सप्लाई की व्यवस्था की गई है। वार्ड में छह बेड में से सिर्फ दो बेड के पास पाइप और आपूर्ति की व्यवस्था है। अचानक अगर कोई आपात स्थिति हो जाए तो यहां भी ऑक्सीजन का लाभ मिलने की उम्मीद करना ही बेमानी होगा।

नहीं मिला प्राथमिक उपचार

धौलाना के मुगल गार्डन में शुक्रवार को बिरयानी खाने से तीन बच्चियां अचानक बीमार हो गईं। परिजन उन्हें संयुक्त अस्पताल ले गए, वहां बिना प्राथमिक उपचार दिए ही एमएमजी अस्पताल के लिए भेज दिया गया। इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई जबकि दो बच्चियों की हालत गंभीर होने से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना था कि अगर प्राथमिक उपचार मिला होता तो बच्ची की जान बचाई जा सकती है। प्राथमिक उपचार न दिए जाने की शिकायत एमएमजी अस्पताल के सीएमएस ने संयुक्त अस्पताल के सीएमएस से की।

इलाज नहीं, होता है आरोप-प्रत्यारोप

आए दिन मरीजों को एमएमजी या महिला अस्पताल का रास्ता दिखा दिया जाता है। जितनी सुविधाएं संयुक्त अस्पताल में हैं उतनी ही व्यवस्था एमएमजी अस्पताल में हैं, इसके बावजूद मरीजों को बिना प्राथमिक उपचार के ही बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। वहीं संयुक्त अस्पताल के चिकित्सकों का भी यही कहना है कि एमएमजी अस्पताल में घायलों को संयुक्त अस्पताल में भेज दिया जाता है।

उधारी की दवाई से गरीबी का इलाज

पिछले कई महीने से जिला अस्पतालों में उधारी की दवाई से गरीबों का इलाज किया जा रहा है क्योंकि बार-बार पत्र भेजने के बावजूद अस्पतालों में आने वाली दवाइयों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कभी भी दवाई कंपनियां दवाइयों की आपूर्ति बंद कर सकती हैं। आठ महीने से एमएमजी अस्पताल में 55 लाख एवं संयुक्त अस्पताल में 25 लाख रुपये का बकाया है।

पर्याप्त व्यवस्था का दावा

एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डा. जेके त्यागी का कहना है कि उनके पास ऑक्सीजन एवं दवाइयों की उपलब्धता पर्याप्त है। बकाया धनराशि के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। वहीं संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डा. दिनेश शर्मा का कहना है कि जब भी जरूरत होती है मरीजों को ऑक्सीजन की व्यवस्था दी जाती है। आपरेटर एवं प्रशिक्षित स्टाफ दोनों मौजूद हैं।

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