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राजस्व बढ़ा तो जीएसटी के स्लैब कम होंगे: अर्जुन राम मेघवाल

Sun, 13 Aug 2017 12:27 PM (IST)

नई दिल्ली (जेएनएन)। वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के टैक्स स्लैबों में कमी कुछ समय बाद तभी हो सकेगी जब इससे राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी हो। वर्तमान में जीएसटी में शून्य के अलावा 5, 12, 18 और 28 फीसद की पांच स्लैब हैं।

मौजूदा टैक्स स्लैबों के लिए तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लिए राज्यों के बीच सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी। वह उन पर इसे थोपना नहीं चाहती थी। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल में केंद्र बहुमत के आधार पर फैसला ले सकती थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। केंद्र ने सभी राज्यों से चर्चा के बाद ही जीएसटी को लागू किया है। किसी एक राज्य की ओर से किसी बिंदु पर भी आपत्ति आई तो उसे लागू नहीं किया गया।

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मेघवाल ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले अप्रत्यक्ष करों में केवल 80 लाख कारोबारी पंजीकृत थे, वहीं जीएसटी लागू होने के बाद 13.2 लाख नए कारोबारी भी जुड़ चुके हैं। इनमें से सर्वाधिक 56,000 कारोबारी पश्चिम बंगाल में जुड़े हैं। जीएसटी नेटवर्क को लेकर मंत्री ने कहा कि व्यापारियों को कुछ शुरुआती परेशानियां आ रही हैं, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। मेघवाल ने बताया कि करदाताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म से संबंधित कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड रखना होगा। छद्म यानी शेडो कंपनियों को खत्म करने के लिए यह सब बहुत जरूरी है।

जीएसटी लागू होने के बाद पूर्वोत्तर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में कर रियायतों पर मंत्री ने कहा कि इसका फैसला जीएसटी परिषद करेगी। इस बिंदु पर गौर किया जाएगा कि रियायतों का क्या किया जाए। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर राज को खत्म कर देगी।

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