लालू यादव को राजद से निकालने की तैयारी, प्रस्ताव पर लगी मुहर!

Sun, 09 Oct 2016 08:59 PM (IST)

पटना [वेब डेस्क]। राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को पार्टी से निकालने की तैयारी हो रही है। यह बात आपको थोड़ी अटपटी लगे, लेकिन यह बिल्कुल सच है और सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि लालू को राजद ने निकालने की तैयारी में कोई और नहीं, बल्कि उन्हीं की पार्टी के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के समर्थक लोग हैं।

शहाबुद्दीन मुक्ति आंदोलन के नाम से गठित शहाबुद्दीन के समर्थकों की कमेटी ने शनिवार को गोपालगंज में बैठक की और लालू प्रसाद यादव को राजद से बाहर निकालने के प्रस्ताव को पास कर दिया।

11 साल बाद जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन ने खुलकर लालू यादव का समर्थन किया था। साथ ही शहाबुद्दीन की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किए गए तीखे हमले पर भी लालू यादव ने चुप्पी साध ली थी।अब दोबारा से शहाबुद्दीन के जेल जाने के बाद उसके समर्थक लालू यादव के विरोध में खड़े हो गए हैं।

शहाबुद्दीन समर्थक नहीं मनाएंगे मुहर्रम

सिवान के पूर्व सांसद और राजद के बाहुबलि नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के जेल जाने से नाराज अल्पसंख्यकों ने इस साल मुहर्रम नहीं मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि गोपालगंज के तुरकाहा में सैंकड़ो की संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्रोंं से आए अल्पसंख्यकोंं ने शनिवार को बैठक की।

इस बैठक में अल्पसंख्यकोंं ने शहाबुद्दीन को दोबारा जेल जाने की घटना को लालू यादव और बिहार सरकार की साजिश बताया। राजद की पार्टी के तौर पर स्थापित करने में शहाबुद्दीन का अहम योगदान रहा है। वे पार्टी के स्थाई सदस्य रहे हैंं। लालू प्रसाद और सूबे की सरकार पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के साथ नाइंसाफी कर रही है। ऐसे में लालू प्रसाद यादव को ही क्यों ने पार्टी से निकाल दिया जाए।

पढ़ें : बड़कागांव फायरिंग पर लालू का ट्वीट, कहा- कुछ तो बोलिए PM मोदी जी

— मेहताब़, अल्पसंख्यक नेता और शहाबुद्दीन समर्थक

मोहम्मद शहाबुद्दीन जब कद्दावर नेता बनकर जेल से बाहर आये। शहाबुद्दीन के प्रति लोगों की मोहब्बत और उमाड़ को लालू और नीतीश पचा नहीं पाए। इसी वजह से दोनों ने मिलकर उन्हें दोबारा जेल भेज दिया, जबकि मुसलमान समाज शहाबुद्दीन को अपना नेता मान चुका है।

— सिबली नोमानी, अल्पसंख्यक नेता

राष्ट्रीय जनता दल किसी की जागीर नहीं है, यह पार्टी संगठन से चलता है। लालू यादव ने षड्यंत्र के तहत शहाबुद्दीन को जेल भेजा है। अगर लालू यादव को पार्टी से नहीं निकला गया तो आने अगले चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

— मुहम्मद हसीब, सामाजिक कार्यकर्ता

पढ़ें : हाईकोर्ट ने दिए आदेश, BPSC ही करेगी लेक्चरर की बहाली

राजद विधायक को लालू से ज्यादा शहाबुद्दीन पर भरोसा

इससे पहले सीवान के रघुनाथपुर से राजद विधायक हरिशंकर यादव ने पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की तारीफ में जमकर कसीदे गढ़ चुके हैं। वे कह चुके हैं कि उन्होंने शहाबुद्दीन के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की और जब तक वे जिंदा रहेंगे उनके साथ रहेंगे, चाहे वे विधायक रहें या न रहें।

विधायक हरिशंकर यादव ने सीवान परिसदन में कहा था कि सीवान में राजद नहीं बल्कि शहाबुद्दीन ही पार्टी हैं और उनके लीडर शहाबुद्दीन ही हैं।

Tags: # bihar politics ,  # patna politics ,  # siwan politics ,  # rjd supremo ,  # lalu yadav ,  # shahabuddin supporters ,  # agry with lalu , 

PreviousNext
 

संबंधित

मुश्किल में शहाबुद्दीन का साथ नहीं छोड़ेंगे लालू, हीना शहाब पर खेल सकते हैं दांव

राज्यसभा की पांच एवं विधान परिषद की सात सीटों पर चुनाव के पहले प्रत्याशियों के चयन को लेकर सियासी दलों में आंतरिक मंथन जारी है। पत्रकार हत्या की साजिश के आरोपों में घिरे पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन को बुरे वक्त में लालू का साथ मिल सकता है।