हंसोड़ और अपनी बातों से हमेशा चर्चा में रहने वाले नेता हैं 'लालू प्रसाद यादव'

Sun, 12 Jun 2016 09:50 AM (IST)

पटना [काजल]। बिहार के गोपालगंज में 1948 को एक यादव परिवार में जन्में लालू प्रसाद यादव जयप्रकाश नारायण के 1977 के आंदोलन के बीच से निकला भारतीय राजनीति का आज भी सबसे लोकप्रिय चेहरा है। अपने 68 साल के जीवनकाल में उन्होंने बिहार की देशज और ठेठ आंचलिक पृष्ठभूमि को मॉर्डन होते इंडिया का आइकन बना डाला है।

तस्वीरों से जानिए.. लालू यादव एक राजनेता ही नहीं, मैनेजमेंट गुरु भी

लालू का जन्म 11 जून 1947 को बिहार के गोपालगंज जिले के फूलवरिया गांव में यादव परिवार में हुआ। इन्होंने अपनी प्रारंभिक पढाई गोपालगंज से की और कॉलेज की पढ़ाई के लिए वो पटना चले आए। पटना के बीएन कॉलेज से उन्होंने लॉ में स्नातक और राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। लालू प्रसाद की 7 बेटियां और 2 बेटे हैं। लालू की विरासत उनके दोनों बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव और बेटी मीसा भारती संभाल रही हैं।

महज 29 साल की उम्र में 1977 में लालू यादव पहली बार संसद पहुंचे। अपनी जन सभाओं में लालू 1974 की संपूर्ण क्रांति का नारा दोहराते रहे। लालू प्रसाद 10 मार्च 1990 को पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने और दूसरी बार 1995 में मुख्यमंत्री बने। 1997 में लालू प्रसाद जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल पार्टी बनाकर उसके अध्यक्ष बने। लालू प्रसाद 8 बार बिहार विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं और 2004 में वो पहली बार बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।

लालू प्रसाद जमीन से जुड़े उन कुछ गिने चुने नेताओं में से हैं जिन्होंने अपनी किस्मत को खुद से बनाया है।अपनी चटपटी बातों से लोगों को लुभाने वाले लालू यादव तमाम घोटालों के बीच फंसे होने के बावजूद आज भी काफी लोकप्रिय हैं। लालू प्रसाद का एक खास शौक है, बड़े-बड़े आन्दोलनकारियों की जीवनियां पढना और राजनीतिक चर्चा करना।

अपनी बात कहने का लालू का खास अन्दाज है, यही अन्दाज लालू को बाकी राजनेताओ से अलग करता है।2004 में लोकसभा चुनाव मे एनडीए की करारी हार के बाद के बाद लालू यूपीए के शासन काल में गृह मन्त्री बनना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस के दबाव के बाद रेलमन्त्री बनने को राजी हुए।

लालू ने रेलवे को मुनाफे में लाकर सबको चकित कर दिया था। लालू प्रसाद यादव ने रेलमंत्री के रूप में रेल सेवा का भारत में कायापलट कर डाला। रेलवे की व्यवसायिक सफलता की कहानी को समझने के लिए हार्वर्ड जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने रेल मंत्रालय के मुख्यालय का दौरा किया।

भारतीय प्रबंध संस्थान, बंगलौर और भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण देने वाली लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी, मसूरी ने लालू यादव को व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया।रेल मंत्रालय संभालने के बाद रेल मंत्रालय अचानक अरबों रुपए के मुनाफे में आ गया। लालू यादव के इस कुशल प्रबंधन की चर्चा भारत ही नहीं पूरे विश्व में होती है।

बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बनाने का वादा हो या रेलवे मे कुल्हड़ की शुरुआत, लालू हमेशा से ही सुर्खियों मे रहे।लालू के आलोचक चाहे कुछ भी कहें लेकिन लालू एक जमीन से जुड़े और हाजिर जवाब राजनेता है, जिनका एक अच्छा खासा जनाधार है।

Tags: # bihar politics ,  # patna politics ,  # rjd chief ,  # lalu prasad yadav ,  # life of lalu yadav ,  # funny man lalu yadav , 

PreviousNext
 

संबंधित

महागठबंधन में महाभारत: देर रात लालू आवास पर बैठक, सुबह से फिर जुट रहे नेता

बिहार के सत्‍ताधारी महागठबंधन में महाभारत चरम पर है। इस बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आवास पर देर रात तक बैठक चली। वहां सुबह से फिर नेताओं का आना-जाना जारी है।